रिश्वत खाकर गया पुलिस कर रही है महिलाओं के जान के साथ खिलवाड़ |

publiclive.co.in[Edited by रंजीत ]

गया:दरअसल ये घटना बिहार के गया जिले के महकार थाना का है जहा गया सिटी SP की लापरवाही और महकार थाना अध्यक्ष के रिश्वतखोरी क कारण जान जाते जाते रह गयी |
लेकिन किसी तरह अपने ससुराल वाले के जुल्मों सितम से महिला ने अपनी अस्मत और जान बचाने के लिए अधमरी स्थिति में महकार थाने पहुंची,
लेकिन थाने पहुंचने के बावजूद घंटो इन्तजार करना पड़ा इलाज के लिए |
महिला के सुबह 7 बजे ही थाना पहुंचने के बावजूद भी 1 बजे इलाज कराया गया शायद पुलिस के इस लापरवाही के कारण महिला की जान भी जा सकती थी|
और ये घटना साबित करता है की बिहार में जंगल राज कायम है, कानून की बात सुशासन की दुहाई देने वाले बिहार की मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी का खोखले वायदें का पोल खोल कर रखती है ये घटना जहां पुलिस प्रशासन आम नागरिको की जिंदगियों के साथ आये दिन खिलवाड़ करते रहते है |
दरअसल ये घटना उस महिला की है जो पिछले 6 साल से अपने पति एवं उसके पूरे परिवार के दहेज़ उत्पीड़न मानसिक यातनायों के बावजूद अपने परिवार की मान सम्मान बनाये रखने के लिए जिल्लत भरी ज़िन्दगी जीने के लिए मजबूर
हद तो तब हो गयी जब उस महिला के साथ साथ उसकी 8 महीने की मासूम बच्ची को जान से मारने की कोशिश की गयी,
महिला की सूझबूझ एवं समझदारी का ही नतीजा है की वो उस नर्क से भागने में कामयाब रही यदि वो ऐसा न करती तो शायद कल वो अपनी बच्ची समेत अपने जान से हाथ धो देती|
कितने शर्म की बात है कि ऐसे गंभीर घटना की जानकारी गया के सिटी SP (मिश्रा) को होने के बावजूद भी संज्ञान में नहीं लिया,
महकार थाना अध्यक्ष वीरेंदर ने आरोपी पति अविनाश अरुण कुमार अकेला उर्फ़ पप्पू यादव से रिश्वत लेकर महिला का शिकायत दर्ज करने से साफ़ इंकार कर दिया |
हालांकि बाद में दबाव क कारण शिकायत की कॉपी तो ले लिया लेकिन F.I.R दर्ज नहीं किया और न ही उस कॉपी का रशीद दिया इससे थाना अध्यक्ष वीरेंदर का मंशा साफ़ जाहिर हो रहा था की वो आरोपी पति पप्पू यादव से रिश्वत लेकर कानून को सरेआम नंगा कर दिया |
पुरे पुलिस महकमे को एक बार फिर शर्मसार कर दिया |
और कहीं न कहीं पुरे बिहार के क़ानून व्यवस्था का पोल खोल कर रख दिया एक बार फिर बिहार के जंगल राज का चेहरा पुरे देश के सामने आ गया |
दरअसल ये पूरी घटना दहेज़ उत्पीड़न के मामले से ग्रसित है ,
आज से 6 साल पहले प्रियमराज पिता श्री उमेश प्रसाद यादव ग्राम पोस्ट-खिरौटी,थाना-परवलपुर,जिला-नालंदा, के निवासी, की शादी गया ज़िले की कुड़वा पंचायत-इनयाचक निवासी रामप्रवेश यादव के आरोपी बेटे अरुण कुमार अकेला उर्फ़ पप्पूयादव से भारीभरकम दहेज़ के साथ संपन्न हुआ |
लेकिन आरोपी पति और उसके घर वालों का लालच दिन प्रति दिन बढ़ता गया, मासूम प्रियमराज को यातनाये देना शुरू कर दिए, दहेज़ को लेकर कई बार प्रियमराज को जान से मारने कोशिश की गयी एक बार पीड़िता को आरोपी पति पप्पू यादव उसका भाई सुभाष यादव उसके बाप रामप्रवेश यादव उसकी माँ ने मिलकर प्रियमराज को छत से निचे फेक दिया गया, जिसके कारण पीड़िता के सिर में अंधरुनि चोट आयी काफी इलाज के बात ये पता चला की उस चोट के कारण निरोफेथिया tumor हो गया है, और अब वो ज़िन्दगी और मौत से लड़ रही है जब उसके ससुराल वालों को इस बीमारिम का पता चला तो वो लोग इसे और प्रताड़ित करने लगे,हालांकि पीड़िता के इलाज का पूरा खर्चा उसके मायके वाले उठा रहे है |
इस घटना की जानकारी लिखित शिकायत के रूप पीड़िता ने महकारा थाना प्रभारी वीरेंदर को पहले भी दिया था,लेकिन रिश्वत खाकर वीरेंदर ने इस गंभीर घटना को वही पर सुलह समझौता करके रफा दफा करवा दिया था,
अब सवाल ये उठता है की बिहार की कानून व्यवस्था को अब कौन सा नाम दे जंगला राज, रिश्वर खोर कानून व्यवस्था, या फिर कुछ और!
अब देखना है की पुरे पुलिस प्रशासन और सुशासन बाबू नीतीश कुमार इस घटना किस तरीके से देखते है !

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