CRIME CAPSULE: फर्जी दस्तावेज, मृतक के नाम पर बैंकों से कर्ज की लूट

publiclive.co.in[रंजीत ]

नैनीताल में सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवाकर कई बैंकों से ऋण निकालने का खुलासा हुआ है. वहीं दिल्ली में IGI एयरपोर्ट से एक ब्राजीलियन महिला 5 करोड़ रुपये के कोकीन के साथ गिरफ्तार की गई. इसी तरह जुर्म की बड़ी खबरें पढ़िए क्राइम कैप्सूल में…

नैनीताल में सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से बैंक लोन फ्रॉड

उत्तराखंड के नैनीताल में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन के फर्जी दस्तावेज के जरिए बैंकों से ऋण लेकर डकार जाने के कई मामले सामने आए हैं. सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से बैंकों के ऋण की बंदरबांट का यह खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से हुआ है.

RTI के तहत मिली जानकारी के मुताबिक, नैनीताल जिले के देवल पट्टी क्षेत्र के कुछ किसानों ने राजस्व विभाग के पटवारी से मिलकर बैंकों में झूठे दस्तावेज पेश किए और लाखों रुपये का ऋण ले लिया.
जानकारी के मुताबिक, बैंक से ऋण हासिल करने के लिए बैंक को दिए गए संपत्ति के दस्तावेज में जमीन का आकार 10 गुना तक बढ़ाकर दिखाया गया. यहां तक कि भूमिहीन व्यक्ति को भी जमीन का मालिक बना दिया गया.

आरटीआई के जरिए मिली सूचना में यह भी खुलासा हुआ है कि लगभग 43 लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकों से ऋण लिए हैं. यहां तक कि देवी दत्त नाम के एक मृत व्यक्ति के नाम पर भी ऋण इश्यू करवाया गया है.

यहां तक कि दो बैंकों से देवी दत्त के नाम पर मृतक बीमा क्लेम भी लिया गया. आरटीआई कार्यकर्ता का यह भी कहना है कि उन्होंने इस मामले पर बड़ौदा बैंक, द नैनीताल बैंक और नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी, लेकिन अब तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

जब सम्बंधित बैंकों से इस पूरे मामले पर बात करने की कोशिश की गई तो किसी भी बैंक का कोई भी अधिकारी बात करने को राजी नहीं हुआ. इस पूरे मामले पर कुमाऊ के कमिश्नर ने संज्ञान लेते हुए पूरे घोटाले की जांच करने की बात कही है. उनके मुताबिक जिलाधिकारी से मामले की जानकारी लेकर जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

स्विमिंग पूल में डूबकर दो युवकों की मौत, हत्या का शक

राजधानी दिल्ली के बुराड़ी में एक प्राइवेट स्विमिंग पूल में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई. घटना रविवार शाम की है. मृतकों की पहचान 22 वर्षीय अमित और नीरज के तौर पर हुई है. पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया. पुलिस हत्या के एंगल से भी केस की जांच कर रही है.

पुलिस जांच में पता चला है कि बुराड़ी इलाके के बेरीवाला बाग परिसर में खेती की जमीन पर यह अवैध स्विमिंग पूल बना हुआ है. रविवार शाम को तोमर कॉलोनी निवासी अमित, नीरज और भारत अपने-अपने घर से शाम को वापस आने की बात कहकर यहां आए थे.

तीनों दोस्त शाम 7 बजे के करीब स्विमिंग पूल में नहाने के लिए पहुंचे और पूल में उतर गए, जबकि तीनों को तैरना भी नहीं आता था. नहाते हुए तीनो गहरे पानी में चले गए. अमित और नीरज की डूबने से मौत हो गई, जबकि भारत किसी तरह बाहर निकल आया.

भारत ने पूल के पास खड़े लोगों को आवाज़ लगाई. करीब 5 मिनट तक दोनों बाहर नहीं आए तो गोताखोरों में उनकी तलाश की. काफी देर बाद दोनों को बाहर निकाला गया और पास के एक निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया. लेकिन हॉस्पिटल पहुंचते ही डॉक्टरों में दोनों को मृत घोषित कर दिया.

हॉस्पिटल प्रबंधन ने ही बुराड़ी थाना पुलिस को फोन कर सूचना दी. जिसके बाद मौके पर पुलिस पर पहुंची. पुलिस ने चश्मदीद भारत के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है. भारत ने बताया कि पूल में सुरक्षा संबंधित उपकरण नहीं थे.

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यह स्विमिंग पूल अवैध तरीके से बना हुआ है. जिसकी अनुमति नहीं ली गई थी. वहीं पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह जांच का विषय है. बुराड़ी थाना पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत मामले में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है.

गुजरात: बिटकॉइन मामले में शिकायतकर्ता को ही बनाया गया आरोपी

गुजरात में पुलिस के जरीए कारोबारी का अपहरण कर 12 करोड़ रुपये का बिटकॉइन हथीयाने के मामले में सीआईडी क्राईम ब्रांच ने दूसरी एफआईआर दर्ज की है. नई एफआईआर में पुलिस ने शिकायतकर्ता शैलेष भट्ट और उसके भांजे को ही आरोपी बनाया है.

सीआईडी क्राइम ब्रांच शैलेष भट्ट के भांजे को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि शैलेष भट्ट फरार चल रहा है. दरअसल मामले की जांच कर रही सीआईडी क्राइम ब्रांच ने जब इस बात की पड़ताल शुरू की कि शैलेष भट्ट के पास इतनी बड़ी मात्रा में बिटकॉइन आए कहां से.

सीआईडी को जांच में पता चला कि शैलेष भट्ट के पास ये बिटकॉइन ‘बिट कनेक्ट’ नाम कि कपंनी से ट्रांसफर हुए थे. यह कंपनी सतीष कुंभानी नाम के एक शख्स की थी, जीसने लंदन से पढ़ई की है. सतीष ने बिटकॉइन खरीदने के लिये सूरत में 2 साल पहले एक स्कीम रखी थी.

इस स्कीम में 2 साल के अंदर ही बिटकॉइन के दाम 16 गुना बढ़ गए थे, जिससे सतीष कुंभानी को काफी फायदा हुआ था. हालांकी जनवरी 2018 में उसकी कंपनी बंद हो गई और कंपनी में इनवेस्ट करने वाले सूरत के कई व्यापारियों को भारी घाटा उठाना पड़ा.

शैलेष भट्ट के भी करोड़ों इस कंपनी में डूब गए. इसके बाद शैलेष भट्ट ने अपने डूबे पैसों की उगाही के लिए किडनैपिंग की साजिश रची. शैलेष ने कुछ गुंडों की मदद से सतीष कुंभानी के साथी पीयूष सावलिया और उसके बाद धवल मावानी का अपहरण किया.

शैलेष ने धवल के अकाउंट से 2256 बिटकॉइन अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए, जिनकी कुछ ही दिनों में कीमत 131 करोड़ रुपये हो गई. सीआईडी ने इस मामले में निकुंज भट्ट ओर दिलीप देसाई को भी गिरफ्तार किया है और उनके पास से अब तक 150 से ज्यादा बिटकॉइन रिकवर कर लिया है.

दिल्ली: 5 करोड़ के कोकीन के साथ ब्राजीलियन महिला गिरफ्तार

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 25 साल की एक महिला को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है. ब्राजील की रहने वाली इस महिला के पास से करीब 5 करोड़ रुपये की कीमत का 930 ग्राम अमेरिकन कोकीन बरामद हुआ है.

जानकारी के मुताबिक, ब्राजीलियन महिला कैप्सूल के अंदर छिपाकर इतनी बड़ी मात्रा में कोकीन ला रही थी. हालांकि पकड़े जाने पर महिला ने कोकीन के सभी कैप्सल निगल लिए. 14 मई को उसे एनसीबी की टीम ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया.

कैप्सूल निगल लेने के चलते महिला को पहले अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका बकायदा एक्स-रे करवाया गया. एक्स-रे में उसके पेट में कोकीन के कैप्सूल नजर आ गए, जिसे ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया.

एनसीबी के मुताबिक आरोपी महिला साउथ अमेरिका से कोकीन लेकर दिल्ली आ रही थी. जानकारी के मुताबिक यह कोकीन दिल्ली एनसीआर में सक्रिय अफ्रिकन तस्करों को सप्लाई करना था. फ़िलहाल आरोपी महिला जेल में है.

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