पाकिस्तान: 11 ट्रांसजेंडर लड़ेंगे आम चुनाव, 2 नेशनल असेंबली में आजमाएंगे किस्मत

publiclive.co.in [edited by रवि यादव ]

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में इस वर्ष होने वाले आम चुनाव में पहली बार कम से कम 13 ट्रांसजेंडर चुनाव लड़ेंगे जिनमें से दो नेशनल असेंबली के लिए चुनाव लड़ेगे. एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. अगस्त में प्रकाशित जनगणना में पहली बार ट्रांसजेंडर शामिल किए गए थे. सर्वेक्षण में पाकिस्तान में लगभग 20.8 करोड़ आबादी में से केवल 10,418 ट्रांसजेंडर लोगों की पहचान की गई थी. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार ट्रांसजेंडर की भागीदारी के महत्व पर कल राष्ट्रीय बैठक में चर्चा की गई जहां सामाजिक उन्नति के लिए उनके सशक्तिकरण और सामाजिक राजनीतिक समावेशन पर प्रकाश डाला गया.

पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) के सहयोग से अखिल पाकिस्तान ट्रांसजेंडर चुनाव नेटवर्क (एपीटीईएन) ने बैठक का आयोजन किया था. रिपोर्ट के अनुसार बैठक में सभी संभावित उम्मीदवारों और उनके निर्दिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था. 13 ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों में से दो नेशनल एसेंबली के लिए लड़ेंगे और बाकी प्रांतीय एसेंबली सीटों के लिए चुनाव लड़ेंगे.

रिपोर्ट के अनुसार हालांकि इस वर्ष एपीटीईएन का गठन किया गया है
पाकिस्तानी चुनाव आयोग ने सोमवार को 25-27 जुलाई को देश में आम चुनाव कराने के लिए संभावित तिथियों का प्रस्ताव किया था. रिपोर्ट के अनुसार हालांकि इस वर्ष एपीटीईएन का गठन किया गया है जो उन्हें (ट्रांसजेंडर) को एक ऐसा मंच उपलब्ध करायेगा जहां वे व्यवस्थित तरीके से चुनाव लड़ सकेंगे.

2018 पाकिस्तान आम चुनाव लड़ेगा आतंकी हाफिज सईद का संगठन
पिछले साल दिसंबर में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने उसके संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) के मिल्ली मुस्लिम लीग के अधीन पाकिस्तान में 2018 के आम चुनाव लड़ने की पुष्टि कर दी थी. लीग को अभी चुनाव आयोग में पंजीकृत किया जाना है. लश्कर ए तैयबा को प्रतिबंधित किए जाने के बाद से जमात-उद-दावा (जेयूडी) के नाम से सक्रिय संगठन ने वर्ष 2008 मुंबई आतंकी हमले को अंजाम दिया था, जिसमें 166 लोग मारे गए थे.

संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए हाफिज सईद ने कहा, ‘‘मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) अगले साल आम चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है.’’ चौबुर्जी में जेयूडी मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने 2018 चुनाव कश्मीरियों को समर्पित किए.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने जनवरी से नजरबंद हाफिज सईद को 24 नवंबर को रिहा कर दिया था. आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के चलते अमेरिका ने सईद पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है. सईद रूढ़ीवादी नीतियों की वकालत करने वाले दिफा-ए-पाकिस्तान का उपाध्यक्ष भी है जो 40 से अधिक धार्मिक और राजनीतिक संगठनों का ढीला-ढाला गठबंधन है.

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