भोपाल में पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, 12 दिनों से जारी है बढ़त

publiclive.co.in[Edited by रंजीत ]

भोपाल: पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों से पूरे देश के लोग परेशान हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते सरकारी तेल कंपनियों ने लगातार 12वें दिन घरेलू दरों में वृद्धि की. प्रदेश में 12वें दिन भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ें. शुक्रवार को पेट्रोल 36 पैसे और डीजल 30 पैसे महंगा हुआ.

डीजल के बढ़ते दाम का इफेक्‍ट ट्रकों के माल भाड़े में 3% की बढ़ोतरी से हुआ जिस वजह से रोजमर्रा की जरूरत के सामान भी होंगे महंगे. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण आम आदमी पहले ही परेशान है. लेकिन ये परेशानी और भी बढ़ सकती है.

भोपाल में पेट्रोल-डीजल के दामों ने तोड़ा रिकॉर्ड, पेट्रोल 82 तो डीजल 71 रुपये के पार

तेल की कीमतों में हुए इजाफे के बाद अब इसका साइड इफेक्ट भी दिखने लगा है. ट्रांसपोर्ट से जुड़ी एक संस्था के रिसर्च में यह पता चला है कि डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद अब माल भाड़े में 3% तक इजाफा हुआ है. दरअसल, दिल्ली में ट्रांसपोर्ट से जुड़ी रिसर्च करने वाली संस्था इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा की गई रिसर्च में यह बात सामने आई है. रिसर्च के मुताबिक मौजूदा स्थिति में 3% तक माल भाड़े में बढ़ोतरी हुई है. पेट्रोल के दाम अब 83.47 और डीजल की कीमत 72.48 रुपये हुई.

राज्यों में पेट्रोल पर औसतन 27 प्रतिशत शुल्क
नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने एक इंटरव्यू में कहा ‘राज्यों और केंद्र दोनों के पास शुल्क कम करने का अधिकार है. राज्य तेल पर मूल्य के अनुसार कर लगाते हैं, इसलिए उनके पास ज्यादा गुंजाइश है. केंद्र की तुलना में राज्य बेहतर ढंग से कटौती कर सकते हैं.’ नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि राज्यों में पेट्रोल पर औसतन 27 प्रतिशत शुल्क लगता है. नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने केंद्र सरकार के संबंध में कहा कि उन्हें तेल की बढ़ती कीमतों की समस्या से निपटने के लिए और राजकोषीय उपाय करने की जरूरत है. केंद्र गैर- कर राजस्व के मोर्च पर अधिक राजकोषीय उपाय कर सकता है.

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