‘बूढों की फौज’ नहीं है ‘थाला’ धोनी की चेन्नई, कामयाबी के पीछे है यह बड़ा ‘राज’

publiclive.co.in[Edited byरंजीत]
री है, जिसके किले को भेदना हर विरोधी टीम के लिए टेढ़ी खीर साबित हुआ है. इस टीम में खिलाड़ियों की औसत उम्र 34 बरस के पार है. कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खुद 36 बरस के हैं जबकि अंबाती रायुडू 32, सुरेश रैना 31, शेन वॉटसन 36 और हरभजन सिंह 37 बरस के हैं. ड्वेन ब्रावो 34, फाफ डुप्लेसिस 33, इमरान ताहिर 38, कर्ण शर्मा 30 और मुरली विजय 33 साल के हैं.

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शुरुआत में सभी ने इसे ‘बूढ़ों की फौज’ कहकर खारिज कर दिया था. युवाओं के लिए मुफीद माने जाने वाले आईपीएल में चेन्नई की ओर से अनुभवी क्रिकेटरों पर भरोसा किया जाना थोड़ा चौंकाने वाला था, लेकिन अब इस टीम ने साबित कर दिया है कि जोश से ज्यादा होश और अनुभव ही जीत के असली मंत्र हैं.

दो साल के प्रतिबंध के बाद वापसी करने वाली चेन्नई की सफलता का आखिर राज क्या है? इसमें कोई शक नहीं कि महेंद्र सिंह धोनी के चतुर ‘क्रिकेटिया दिमाग’ को इसका श्रेय जाता है. चेन्नई ने आधी जंग तो नीलामी के दौरान ही जीत ली थी जब उसने अनुभव पर दाव लगाया.

रायुडू (586) ऑरेंज कैप धारी
केन विलियमसन से 100 रन पीछे हैं. वहीं शरदुल ठाकुर 15 विकेट ले चुके हैं. करियर के आखिरी पड़ाव पर पहुंचे महेंद्र सिंह धोनी ने 15 मैचों में 455 रन बनाए हैं, जिसमें 30 छक्के शामिल है.

महेंद्र सिंह धोनी का यह आठवां फाइनल और बतौर कप्तान सातवां खिताबी मुकाबला होगा. चेन्नई के इस ‘थलाइवा’ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अनुभव का कोई सानी नहीं.

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