पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन कटौती, पेट्रोल पर मिली 7 पैसे की राहत

publiclive.co.in [Edited by शिवांश ]

पेट्रोल-डीजल की कीमतों लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 5 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई है.

गौरतलब है कि कर्नाटक चुनाव के बाद लगातार 16 दिन तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़त के बाद बुधवार को इनकी कीमतों में पहली बार कटौती की गई थी. हालांकि बुधवार को पेट्रोल की कीमत में महज एक पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई थी, जिसको लेकर लोगों ने सवाल उठाए.

गुरुवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 78.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 69.25 रुपये प्रति लीटर हो गई है. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 80.98 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 71.80 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 86.16 रुपये और डीजल की कीमत 73.73 रुपये प्रति लीटर है. चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 81.35 रुपये और डीजल की कीमत 73.12 रुपये लीटर हो गई है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भले ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ रही हो, लेकिन इसका फायदा अभी भी लोगों को पूरी तरह से नहीं दिया जा रहा. बुधवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 78.42 रुपये थी.

कर्नाटक चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जो बढ़त शुरू हुई थी, उस पर बुधवार को पहली बार ब्रेक लगा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद सरकार पर तेल के दाम कम करने का दबाव था. हालांकि, जिस तरह से कुछ पैसे की कटौती की जा रही है, उसको लेकर मजाक ही बन रहा है.

गत 23 मई को केंद्र सरकार ने कहा था कि वह पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत दिलाने के लिए दीर्घकालिक समाधान लाने पर काम कर रही है. सरकार ने कहा था कि हम जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेंगे.

गौरतलब है कि कर्नाटक चुनाव के दौरान 19 दिन तक पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुए पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए गए. तब से लगातार ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी का दौर जारी था. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रही रिकॉर्ड वृद्ध‍ि को इसकी वजह बताया गया.

इससे पहले पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के साथ बैठक की थी. लेकिन इस बैठक से भी आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली थी.

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