डिविलियर्स के जाने के बाद इस दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज ने कहा, यह देश जीतेगा वर्ल्डकप

publiclive.co.in[Edited by विजय दुबे ]

लंदन : हाल ही में दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज एबी डि विलियर्स ने अंतरारष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया तो यह माना जाने लगा कि अब दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम कमजोर हो गई है. हर किसी के लिए यह मानना मुश्किल हो गया कि अब दक्षिण अफ्रीकी टीम 2019 में होने वाले आईसीसी वर्ल्डकप जीत पाएगी. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज गेंदबाज एलन डोनाल्ड का भी कुछ ऐसा ही मानना है. डोनाल्ड ने इससे भी आगे जाकर अपना अनुभवी अनुमान जाहिर कर बता दिया है कि इस बार का क्रिकेट विश्व विजेता कौन होगा.

पूर्व तेज गेंदबाज को लगता है कि अब्राहम डिविलियर्स के संन्यास लेने से दक्षिण अफ्रीका के विश्व कप जीतने की संभावनाएं धूमिल हो गई हैं. उन्होंने कहा, ” हमने हाल ही में अपने सबसे महत्वपूर्ण डिविलियर्स को खो दिया है. दक्षिण अफ्रीका अन्य टीमों के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है और वह खिताब के नजदीक पहुंच सकती है. ऐसा नहीं है हम खिताब नहीं जीत सकते लेकिन अब्राहम का जाना हमारे लिए एक बड़ा नुकसान है.”

डोनाल्ड का मानना है कि मेजबान इंग्लैंड अगले साल होने वाले क्रिकेट विश्व कप में खिताब का प्रबल दावेदार है. स्काई स्पोर्ट्स ने डोनाल्ड के हवाले से कहा, “यदि उनके पास पहली बार यह खिताब जीतने का मौका है, तो निश्चित रूप से वह अब है.” उन्होंने कहा कि कप्तान इयोन मोर्गन के नेतृत्व में आक्रामक क्रिकेट खेल रही इंग्लिश टीम को अपने घरेलू परिस्थितियों का फायदा होगा.

कोई भी टीम नहीं है अभी प्रबल दावेदार
इस वर्ल्डकप में देखा जाए तो कोई भी टीम एकमात्र या सबसे बड़ा दावेदार होने की स्थिति में नहीं है. वैसे यह तय करने के लिए भी अभी काफी समय है क्योंकि वर्ल्ड कप अब से करीब 12 महीने बाद ही शुरु होगा. अभी तो टीमों के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में ही काफी उतार चढ़ाव होंगे. ऑस्ट्रेलिया इस बार का डिफेंडिंग चैम्पियन तो लेकिन उसकी वनडे टीम उतनी मजबूत नहीं रही है. एशेज के ठीक बाद हुई ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड वनडे सीरीज में उसे इंग्लैंड के हाथों 4-1 से करारी हार का सामना करना पड़ा था.

इसके बाद बॉल टेम्परिंग विवाद से उसको तगड़ा झटका लगा है जिससे उबरने में उसे वक्त लगेगा. लेकिन यह तय है कि वर्ल्डकप शुरु होने तक भी इस टीम में वह धार नहीं होगी जो 2015 की टीम में थी. इसकी एक वजह यह भी की 2015 की ऑस्ट्रेलिया टीम में जितने और जिस स्तर के दिग्गज थे वे इस टीम में नहीं होंगे.

भारत और न्यूजीलैंड भी हैं दौड़ में
ऑस्ट्रेलिया के अलावा न्यूजीलैंड और भारत इस समय टक्कर की टीमें मानी जा सकती हैं लेकिन कापी कुछ इन टीमों के उस समय के प्रदर्शन पर भी निर्भर होगा. दोनों ही टीमें बहुत ही तगड़ी हैं लेकिन इंग्लैंड के हालातों में वे शानदार प्रदर्शन कर ही पाएंगी यह दावा करने की स्थिति में कोई नहीं हैं. वहीं श्रीलंका, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका यहां तक कि सबसे खराब फॉर्म में चल रही वेस्टइंडीज ऐसी टीमें हैं जो अभी भले ही दावा करने की स्थिति में न हों, लेकिन यह तय है कि ये टीमें दूसरी किसी भी टीम का खेल बिगाड़ने की काबिलियत में कम नहीं हैं. हो सकता है कि वर्ल्डकप में समीकरण कुछ ऐसा बैठ जाए कि इनमें से कोई टीम फाइनल में जगह बना जाएं.

इसके अलावा बांग्लादेश और अफगानिस्तान भी भले ही फाइनल में जाने की दावेदार न हों लेकिन वे जरूर दूसरी टीमों के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगी यह तय है. इस बार विश्वकप का कार्यक्रम ऐसा है कि द हर एक टीम को बाकी नौ टीमों से एक मैच खेलना है और उसके बाद शीर्ष की चार टीमें ही सेमीफाइनल में पहुंच पाएंगी.

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