CM योगी ने फोन पर की बाबा रामदेव से बात, यूपी से बाहर नहीं जाएगा फूड पार्क

publiclive.co.in [ Edited By रवि यादव ]

नई दिल्ली/लखनऊ: फूड पार्क पर आचार्य बालकृष्ण के ट्वीट के बाद सीएम योगी ने योग गुरू रामदेव से बात की है. दोनों के बीच फूड पार्क को लेकर फोन पर बातचीत हुई. सीएम योगी ने कहा, ‘पतंजलि का फूड पार्क यूपी से बाहर नहीं जाएगा’. इस मामले में यमुना प्राधिकरण ने कहा कि न तो अथॉरिटी ने आवंटन रद्द किया है और न ही बाबा रामदेव ने इस प्रोजेक्ट से हाथ खींचे हैं. बाबा रामदेव की कंपनी ने राज्य सरकार से छूट की मांग के लिए आवेदन किया था. आपको बता दें कि मंगलवार (05 जून ) को इससे पहले आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट कर लिखा था, ‘ग्रेटर नोएडा में केन्द्रीय सरकार से स्वीकृत मेगा फूड पार्क को निरस्त करने की सूचना मिली. इसलिए पतंजलि ने प्रोजेक्ट को अन्य जगह शिफ्ट करने का निर्णय लिया है’.

दूर हुई गलतफहमियां
जानकारी के मुताबिक, सीएम योगी ने आचार्य बालकृष्ण से भी फोन पर बातचीत कर सहयोग की बात कही. इस दौरान फूडपार्क को लेकर हुई गलतफहमियों को दूर कर लिया गया.

अथॉरिटी ने आवंटन रद्द नहीं किया
आचार्य बालकृष्ण के ट्वीट के बाद इस मामले में यमुना प्राधिकरण ने कहा कि न तो अथॉरिटी ने आवंटन रद्द किया है और न ही बाबा रामदेव ने इस प्रोजेक्ट से हाथ खींचे हैं. इससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों के बीच हुई फोन पर बात के बाद मामला सुलझ गया है.

बाहर नहीं जाएगा फूड पार्क
फूड पार्क पर आचार्य बालकृष्ण के ट्वीट के बाद सीएम योगी ने रामदेव से बात की है. दोनों के बीच फूड पार्क को लेकर फोन पर बातचीत हुई. फोन हुआ बातचीत के बाद सीएम योगी ने कहा कि फूड पार्क उत्तर प्रदेश में ही बनेगा.

50,000 परिवारों को मिलेगा फायदा
पूर्ण क्षमता होने पर इस संयंत्र में सालाना 25,000 करोड़ रुपये के उत्पादों का उत्पादन होगा. इससे करीब 10,000 प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होने की संभावना है, जिससे 50,000 परिवारों को लाभ होगा. इसके अलावा पतंजलि आयुर्वेद मध्यप्रदेश, असम, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में भी इकाइयां स्थापित करने की प्रक्रिया में है.

देश-विदेशों की जरूरतों को पूरा करेगा फूड पार्क
ग्रेटर नोएडा संयंत्र अंतरराष्ट्रीय फूड पार्क को विदेशी और घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने के मकसद से स्थापित किया जा रहा है. पतंजलि के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आचार्य बालकृष्ण ने इस बारे में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) के सीईओ के साथ कई बैठकें की थी. ऐसा अनुमान था कि जमीन के आवंटन के बाद ये इकाई 12 से 18 महीने में परिचालन में आ जाएगी. ग्रेटर नोएडा फूड पार्क में लगभग सभी प्रमुख उत्पादों का विनिर्माण होना है. एनसीआर क्षेत्र में होने की वजह से ये हब के रूप में काम करेगा.

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