अरुण जेटली का राहुल गांधी पर हमला, आखिर वह कितना जानते हैं, वह चीजों को कब समझेंगे?

publiclive.co.in [ Edited By रवि यादव ]

नई दिल्ली : बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक रैली में पूरी तरह गलत टिप्पणी करने का आरोप लगाया और कहा कि किसी भी उद्योगपति के कर्ज का एक रुपया भी माफ नहीं किया गया है. जेटली ने पार्टी की वेबसाइट पर ‘वह कितना जानते हैं’ शीर्षक वाले एक लेख में सवाल किया है कि क्या गांधी को अपर्याप्त जानकारी द जा रही है, या वह अपने तथ्यों के साथ बहुत उदार हैं.

बीजेपी नेता ने कहा, “जब भी मैं राहुल गांधी के विचार सुनता हूं, चाहे वह संसद के अंदर हों या बाहर. मैं खुद से बार-बार यही पूछता हूं – वह कितना जानते हैं? वह कब जानेंगे? मध्य प्रदेश में दिए गए उनके भाषण को सुनकर आज एक बार फिर इस प्रश्न का जवाब जानने की जिज्ञासा हुई.”

जेटली ने कहा कि सरकार ने किसी उद्योगपति का एक रुपया भी बकाया माफ नहीं किया है. जिन्होंने कर्ज नहीं लौटाया है, उन्हें दिवालिया घोषित किया जा रहा है और आईबीसी (दिवाला और दिवालियापन संहिता) के जरिए उन्हें उनकी कंपनियों से हटा दिया गया है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने लागू किया है.

गुर्दा प्रतिरोपण के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे जेटली ने कहा, ‘जिन लोगों के ऊपर बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों का बकाया है, उन्हें दिवाला घोषित किया गया और उन्हें आईबीसी (ऋण शोधन एवं दिवाला संहिता) के जरिये उनकी कंपनी से बेदखल किया गया है. इस कानून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने लागू किया. इनमें ज्यादतर कर्ज संप्रग शासन के दौरान दिये गये.’

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राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर कि मोदी ने दो हीरा कारोबारियों को 35,000-35,000 करोड़ रुपये दिये इसपर जेटली ने कहा कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है. उन्होंने कहा कि बैंक धोखाधड़ी 2011 में शुरू हुई. उस समय संप्रग का शासन था. इस धोखाधड़ी का पता राजग सरकार के आने के बाद लगा. कांग्रेस अध्यक्ष का संकेत हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी की ओर था. दोनों ने फर्जी गारंटी पत्रों के जरिये पंजाब नेशनल बैंक के साथ 13,000 करोड़ रुपये के कर्ज की धोखाधड़ी की.

राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि एनडीए सरकार केवल उद्योगपतियों को कर्ज दे रही है, किसानों को नहीं. वरिष्ठ भाजपा नेता जेटली ने कहा कि यह स्थिति खास कर संप्रग सरकार के दूसरे कार्यकाल (संप्रग-दो) में थी. उन्होंने कहा कि आज जो कर्ज फंसे (एनपीए) हैं, उसका बड़ा हिस्सा बैंकों द्वारा 2008-14 में दिया गया. जेटली ने कहा है, ‘2014 के बाद से हम एक एक कर बैंकों के पैसे की वसूली कर रहे हैं.

रोजगार का सृजन नहीं होने के राहुल के आरोपों पर जेटली ने जीडीपी के ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. अलग से जेटली ने एक ट्वीट करके किसानों के कल्याण और अर्थव्यवस्था की बेहतरी तथा भारत के हर नागरिकों के लाभ के लिये प्रधानमंत्री द्वारा उठाये गए कदमों के बारे में बताया. उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी उल्टा बोलने से पहले तथ्यों को जांचें क्योंकि यह उनकी पार्टी की गलतियों को और बढ़ाएगा.’

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने राहुल पर निशाना साधने के लिये तुरंत जेटली पर पलटवार करते हुए कहा कि वह खुद कितना जानते हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी का अहंकार अपने चरम पर पहुंच गया है क्योंकि उसने कृषि संकट के प्रति आंखें मूंद ली हैं.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्र ने कहा कि ये आरोप कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से विदेश से छुट्टियों से लौटने के बाद अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास हैं. राहुल का भाषण विदेश यात्रा से लौटने के बाद उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था.

कांग्रेस अध्यक्ष ने मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी में एक जनसभा को बुधवार को संबोधित किया. यह जनसभा मंदसौर के किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में छह किसानों के मारे जाने की घटना के एक साल पूरे होने पर आयोजित की गई थी.

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