शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने उठाए सवाल, ‘जो सम्मान दलाई लामा को है, वह शंकराचार्य को नहीं’

publiclive.co.in [ Edited By रवि यादव ]

नई दिल्ली : केंद्र की सरकार अपने 4 साल पूरे कर चुकी है. अगले साल चुनाव हैं. ऐसे में देश में सभी सरकार का अपने अपने ढंग से आकलन कर रहे हैं. जाहिर ऐसे में कुछ लोग सरकार से संतुष्ट हो सकते हैं, वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. ज्योतिषपीठ एवं द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती भी कई मुद्दों पर अपनी राय रख रहे हैं.

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती पहले भी कई मुद्दों पर खुलकर बोलते रहे हैं. दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में वह उन लोगों से खफा नजर आए, जो उन पर कांग्रेस समर्थित होने का आरोप लगाते हैं. ऐसे ही एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेसी कहकर हमको गाली देते हैं, पर मैंने क्या लाभ लिया? इसके साथ ही उन्होंने एक सवाल भी उठा दिया, उन्होंने पूछा कि देश में जितना सम्मान दलाई लामा को है, क्या उतना सम्मान शंकराचार्य को है.

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शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती से पूछा गया कि क्या देश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण बढ़ा है? तो उन्होंने इस पर कहा, इसके पीछे धर्म नहीं बल्कि राजनीति है. उन्होंने कहा, दोनों पक्षों को समझना होगा कि उनका झगड़ा किस बात का है. उन्होंने कहा, पिछले सालों में देश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण बढ़ा है. कांग्रेस नेताओं के साथ मेलजोल के सवाल पर उन्होंने कहा, हमारे मन में कोई भेद-भाव नहीं है. जहां तक शंकराचार्य के सम्मान की बात है तो उन्होंने पूछा, जो सम्मान दलाई लामा को है क्या वो शंकराचार्य को है? कांग्रेस के कई लोग हमारे पास आते हैं. लेकिन हम किसी से व्यक्तिगत कार्य के लिए नहीं बोलते. हमें कांग्रेसी कहकर हमको गाली तो देते हैं, लेकिन ये बताइए, कांग्रेसी बनकर मैने कौन-सा लाभ ले लिया?

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स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मोदी सरकार के चार साल कार्यकाल पर कहा, हम लोगों को मोदी के कार्यकाल से बहुत निराशा हुई है. हमें उम्मीद थी कि मोदी के पीएम बनने पर भारत से गौमांस निर्यात का कलंक मिट जाएगा. लेकिन आज तक उस पर हुआ क्या. हमें लगा था कि ये कॉमन सिविल कोड पर बात आगे बढ़ाएंगे. पर उस मामले में भी बात आगे नहीं बढ़ी. कश्मीर की स्थिति भी जस की तस है. गंगा की हालत में कहां सुधरी.

गौहत्या मुसलमानों के लिए नहीं डॉलर के लिए हो रही है
शंकराचार्य ने कहा, भारत में कुछ जगह गो-हत्या बंद है. लेकिन कई प्रदेश ऐसे भी हैं, जहां ये काम बेरोकटोक हो रहा है. कई जगह तो पुलिस ही संदेहास्पद भूमिका निभाती है. देश के हित में गो-हत्या बंद होना चाहिए. गो-हत्या मुसलमानों के लिए नहीं हो रही है, डॉलर के लिए हो रही है. गोमाता केवल हिंदू की नहीं है, मुसलमान की भी है.

राममंदिर मामले पर उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, आप कोर्ट में तो कुछ कर नहीं रहे हैं और जनता से कहते हैं कि हमें वोट दो. ये धोखा है. राम मंदिर के लिए इन्होंने शिलान्यास करवाया था, शिलान्यास गर्भगृह से दूर करवाया. जब हम गए थे शिलान्यास करने तो इसी भाजपा समर्थित वीपी सिंह सरकार ने हमें कैद कर लिया था. हमने राम जन्मभूमि पुनर्निर्माण समिति बनाई और उसमें एक पक्ष बने. हमने सिद्ध कर दिया कि इस जन्मभूमि पर मस्जिद पहले भी कभी नहीं थी, आज भी नहीं है.

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