इंग्लैंड में एक तीर से दो निशाने साधेंगे कप्तान विराट कोहली

pbliclive.co.in[Edited by RANJEET]
नई दिल्लीः टी-20 सीरीज पर जीत के साथ भारत ने इंग्लैंड पर अपने दबदबे की शुरुआत कर दी है. अब भारत के लिए अगली चुनौती 3 मैचों की वन-डे सीरीज होगी. 12 जुलाई (गुरुवार) से शुरू होने वाली यह सीरीज नॉटिंघम में पहले वन-डे के साथ शुरू होगी. हालांकि, अगर आंकड़ों की बात करें तो कागजों पर इंग्लैंड की टीम बेहतर दिखाई पड़ती है. 50 ओवर के मैचों में इंग्लैंड की रैंकिंग नंबर वन है, जबकि भारत की रैंकिंग नंबर 2 है. इंग्लैंड के 126 प्वाइंट्स हैं जबकि भारत के 122 अंक हैं. अगर क्रिकेट एक्सपर्ट्स और फैन्स की मानें तो विराट कोहली की टीम इयोन मोर्गन की टीम के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगी. अगला वर्ल्ड कप इंग्लैंड में ही खेला जाना है. इयोन मोर्गन की इंग्लैंड टीम अभी से अगले साल होने वाले आईसीसी विश्व कप की तैयारियों में जुट गई है तो वहीं, कप्तान विराट कोहली पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि टीम मैनेजमेंट का हर कदम आने वाले वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है.

भारत के टॉप तीन बल्लेबाज- शिखर धवन, रोहित शर्मा और कप्तान विराट कोहली हैं. नंबर चार पर अभी चीजें तय नहीं हैं. भारत के पास कुछ विकल्प हैं. अंजिक्य रहाणे, केएल राहुल, मनीष पांडे. इस वन-डे सीरीज में अंजिक्य रहाणे और मनीष पांडे दोनों ही टीम से बाहर हैं. इसलिए भारत के पास यही विकल्प है कि वे राहुल को चौथे नंबर पर खिलाएं. एक विकल्प यह भी है कि सुरेश रैना को मौका दिया जाए.

हालांकि, इस मामले में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का कहना है कि खुद कप्तान विराट कोहली को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आना चाहिए. गांगुली का कहना है, ‘‘अगर आप टी-20 सीरीज पर ध्यान दें तो मुझे लगता है कि उन्होंने सही बल्लेबाजी क्रम तैयार कर लिया है. राहुल के तीसरे क्रम पर आने और विराट कोहली के चौथे पर उतरने के साथ मुझे लगता है कि समस्या का हल हो गया है. और मेरा दृढ़ता से मानना है कि वनडे प्रारूप में भी ऐसा करना सही होगा.’’

अगर चौथे नंबर पर सुरेश रैना के बल्लेबाजी के आंकड़ों को देखें तो 20 मैचों में उनका 45 का औसत है. उनका अधिकतम स्कोर 116 नाबाद है, जबकि उनके करियर का औसत 35.46 है. वह 5 शतक भी लगा चुके हैं. यानि रैना इस मौके को बेहतर ढंग से भुना सकते हैं. यदि रैना चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने को मैनेज कर पाते हैं तो यह बढ़िया बात होगी. उस स्थित में टीम इंडिया दिनेश कार्तिक को पांचवें नंबर पर खिला सकती है, लेकिन अभी वर्ल्ड कप में एक साल का वक्त है. ऐसे में सुरेश रैना के बारे में निश्चितता से कुछ कहना अभी संभव नहीं होगा.

वहीं, निचले क्रम में हार्दिक पांडया और महेंद्र सिंह धोनी का अभी भी कोई विकल्प नहीं है. पांड्या ने टी-20 में शानदार प्रदर्शन किया है. अब वन-डे सीरीज उनके पास खुद को साबित करने का एक और मौका होगी. उन्हें अगले वर्ल्ड कप में बतौर ऑलराउंर अपनी जगह पक्की करनी है तो परफॉर्म करना होगा.

वन-डे सीरीज भारत को कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को भी आजमाने का मौका देगी. देखना होगा कि ये दोनों रिस्ट स्पिनर इंग्लैंड की परिस्थितियों में कारगर साबित हो सकते हैं. टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ छोटी बाउंड्री को देखते हुए कुलदीप को तीसरे टी-20 में प्लेइंग इलेवन में नहीं रखा था. जसप्रीत बुमराह की चोट और भुवनेश्वर का आउट ऑफ फॉर्म होना भारत के लिए चिंता की बात है.

सिद्धार्थ कौल भी खुद को साबित करने का मौका लगातार तलाश रहे हैं. इंग्लैंड के लिए भी यह सीरीज काफी अहम है. ऐसे में वह भी अपने कई खिलाड़ियों को आजमाना चाहेगी. 2015 के वर्ल्ड कप में, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में, खराब प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड इस बार कोई मौका नहीं गंवाना चाहता. हाल ही में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को वन-डे सीरीज में 5-0 से मात दी है. ऐसे में इंग्लैंड टीम के हौसले भी काफी बुलंद हैं. तीन मैचों की वन डे सीरीज का पहला मैच गुरुवार को ट्रेंट ब्रिज में शुरु होगा. दोनों टीमों की नजर जीत से शुरुआत करने पर रहेगी.

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