जानिए, सुरक्षाबलों से घिरे साथियों को बचाने के लिए फेसबुक पर किस तरह गिड़गिड़ाए आतंकी

publiclive.co.in[Edited by RANJEET]
नई दिल्‍ली: कॉन्‍स्‍टेबल मोहम्‍मद सलीम की बेरहमी से हत्‍या करने वाले आतंकियों को नहीं पता था कि उन्‍होंने यह गुनाह कर अपनी जिंदगी के बाकी बचे चंद पन्‍नों को अपने ही हाथों से फाड़ दिया है. जी हां, जम्‍मू-कश्‍मीर के कुलगाम में हुई इस कायराना वारदात के चंद घंटों बाद ही सुरक्षाबलों ने इन आतंकियों को घेर लिया. इन आतंकियों को जब यह समझ में आ गया कि अब उनका अंत निश्चित है, तब उन्‍होंने अपनी जान बचाने के लिए चारों तरफ हाथ-पैर मारना शुरू कर दिए.

तमाम कोशिशों के बावजूद, इन आतंकियों को मौके से भागने का जब कोई रास्‍ता नहीं मिला, तब उन्‍होंने फेसबुक पोस्‍ट के जरिए जिंदगी की भीख मांगना शुरू कर दी. वहीं, सुरक्षाबल से घिरे आतंकियों ने अपने साथियों की जान बचाने के लिए गिड़गिड़ाहट भरे फेसबुक पर पोस्‍ट की झड़ी लगा दी. इन पोस्‍ट में कहा गया कि उनके भाइयों की जान बचाने के लिए घर से बाहर निकले और सुरक्षाबलों पर पत्‍थरबाजी शुरू करें.

आतंकियों की साजिश पर भारी पड़ी सुरक्षाबलों की रणनीति
आतंकियों का मंसूबा था कि वह पत्‍थरबाजी की आड़ में अपने आतंकी साथियों को मौके से बाहर निकाल ले जाने में सफल हो जाएगें. लेकिन, ऐसा नहीं हुआ. गिड़गिडाहट भरे कई फेसबुक पोस्‍ट करने के बाद भी कोई भी शख्‍स अपने घर से बाहर नहीं निकला. वहीं आतंकियों के इन मंसूबों को सुरक्षा एजेंसियां पहले ही भांप चुकी थी. ऑपरेशन शुरू होने के साथ ही इलाके की इंटरनेट सेवा को पूरी तरह से बंद करवा दिया गया था.

सुरक्षाबलों की यही रणनीति आतंकियों की साजिश पर भारी पड़ गई. आतंकियों की तरफ से किया गया कोई भी पोस्‍ट स्‍थानीय लोगों को डराने और उसकाने में सफल नहीं हो सका. जिसके बाद, आतंकियों ने अपने स्‍लीपर सेल के लोगों को एक्टिव करना शुरू किया. स्‍लीपर सेल के चंद मुट्ठी भर लोग पत्‍थरबाजी के लिए मौके पर पहुंचे. इन पत्‍थरबाजों को पहले मौके से जाने की चेतावनी दी गई, लेकिन पत्‍थरबाज नहीं मानें. जिसके बाद, सुरक्षाबलों ने हल्‍का बल प्रयोग बेहद आसानी से पत्‍थरबाजों पर काबू पा लिया.

आतंकियों की रणनीति का हिस्‍सा है पत्‍थरबाजी
सुरक्षाबलों के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, बीते दिनों हिरासत में लिए गए पत्‍थरबाजों से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि पत्‍थरबाजी को आतंकी अपने सुरक्षा कवच की तरफ इस्‍तेमाल करते हैं. साजिश के तहत, आतं‍की जिस गांव में भी पनाह लेते थे, उस गांव के हर घर से एक या दो लोगों को चुना जाता था. इन सभी लोगों को हिदायद होती थी कि वह पहले से अपने घर में पत्‍थर इकट्ठा करके रखें. जैसे ही सुरक्षाबलों की तरफ से कोई कार्रवाई हो, वैसे ही वे सब मौके पर पहुंचकर पत्‍थरबाजी करें, जिससे आतंकियों को मौके से भागने का मौका मिल जाए.

उन्‍होंने बताया कि सुरक्षाबलों की रणनीति के सामने आतंकियों की साजिश उल्‍टी पड़ गई. अपनी हर साजिश को नाकाम होता देख आतंकियों ने फेसबुक के जरिए लोगों को पोस्‍ट करना शुरू किया. पोस्‍ट सही आदमी तक पहुंचे, इसके लिए 24-24 के ग्रुप में लोगों को इस पोस्‍ट को टैग किया गया. इस पोस्‍ट में कहा गया कि ‘ हमारे तीन भाई फंस गए हैं, उनके लिए दुआ करें और इस पोस्‍ट को शेयर करें, सभी से गुजारिश है कि वह अपने घर से बाहर निकले और अपने हमारे भाइयों को बचाएं, शेयर प्‍लीजजज.’ आतंकियों के इस पोस्‍ट का स्‍थानीय लोगों पर कोई असर नहीं पड़ा. इस बार ज्‍यादातर लोगों ने आतंकियों की जगह सुरक्षाबलों की मदद करने का फैसला किया.

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