शहर से ज्यादा गांव में लोग देख रहे हैं टेलीविजन, बिहार-झारखंड में सबसे कम TV वाले घर

publiclive.co.in [SIDDHARTH SINGH]

नई दिल्ली/पटना : तकनीक के इस दौर में लोग भले ही अपने मोबाइल फोन पर वीडियो देख रहे हों, लेकिन साथ ही साथ टेलीविजन को लेकर भी क्रेज लगातार बढ़ रहा है. टीवी देखने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. शहरी लोगों की तुलना में ग्रामीण भारत में रहने वाले लोग ज्यादा टीवी देख रहे हैं. टीवी देखने वालों की संख्या में 2016 की तुलना में बीते वर्ष 7.2 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है. ज्ञात हो कि 2016 में कुल 836 मीलियन व्यूअरशिप दर्ज किया गया था.

व्यूवरशिप में इजाफा के मामले में ग्रामीण इलाके ने शहरों को पछाड़ दिया है. शहरी इलाकों में जहां चार प्रतिशत की बढोतरी हुई है वहीं, ग्रामीण इलाकों में 10 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है.

ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया (बीएआरसी) की यह रिपोर्ट बिहार-झारखंड के लिए उत्साहित करने वाली नहीं है. इन दोनों राज्यों में ऐसे घर सबसे कम हैं, जहां टीवी सेट हों. सिर्फ 30 प्रतिशत घरों में टीवी सेट मौजूद हैं. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की स्थिति भी खुछ खास नहीं है. इन दोनों राज्यों में भी सिर्फ 45 प्रतिशत घरों में टीवी है.

दक्षिण भारत ने मारी बाजी
बीएआरसी के इस आंकड़े में दक्षिण भारत के राज्यों ने बाजी मारी है. तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और कर्नाटक में 90 प्रतिशत से अधिक घरों में टेलीविजन सेट लगे हैं. तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में दो वर्ष पहले 80 से 90 प्रतिशत घरों में ही टीवी सेट थे.

देश में टीवी वाले घरों की संख्या में दो प्रतिशत का इजाफा
बीएआरसी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कुल 66 प्रतिशत घरों में टीवी लगे हैं. 2016 में यह आंकड़ा महज 64 प्रतिशत था. महारष्ट्र में भी जबरदस्त इजाफा दर्ज किया गया है. पहले यहां 60 से 79 प्रतिशत घरों में ही टीवी सेट थे, लेकिन अब 80 से 90 प्रतिशत घरों में टीवी लगे हैं. नॉर्थ ईस्ट के राज्य, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश और राजस्थान के 45 से 59 प्रतिशत घरों में टीवी सेट मौजूद हैं.

दिल्ली में 90 प्रतिशत से अधिक घरों में टीवी सेट
उत्तर के राज्यों की बात करें तो दिल्ली में 90 प्रतिशत से अधिक घरों में लोग टीवी देखते हैं वहीं, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के 80 से 90 प्रतिसत घरों में टीवी सेट मौजूद हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help