Whatsapp हो जाएगा और ‘धांसू’, Facebook ला रहा है एकदम नया फीचर

publiclive.co.in [EDITED BY SIDDHARTH SINGH]

नई दिल्ली : व्‍हाट्स ऐप पर गलत सूचनाएं और फर्जी खबरों को बढ़ावा देने को लेकर गहन जांच का सामना कर रही फेसबुक ने कहा है कि अपने इंस्टैंट मोबाइल मैसेजिंग प्लेटफार्म के 20 करोड़ यूजर्स के लिए पीयर-टू-पीयर भुगतान फीचर को शुरू करने के लिए सरकार की हरी झंडी का इंतजार कर रही है. साल 2018 की दूसरी तिमाही के नतीजों को जारी करते हुए कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग ने विश्लेषकों को बताया कि कंपनी भारत में कुछ समय से वाट्स एप पर भुगतान फीचर का परीक्षण कर रही है.

जकरबर्ग ने कहा, ‘यह लोगों को एक-दूसरे को पैसे भेजने और अधिक वित्तीय समावेशन में योगदान देने का एक आसान तरीका प्रदान करता है. इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली है. सभी संकेत यह प्रदर्शित करते हैं कि सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद बड़े पैमाने पर यूजर्स इसका प्रयोग करेंगे.’ इस साल की शुरुआत में वाट्स एप ने अपने भुगतान फीचर का बीटा वर्सन करीब 10 लाख यूजर्स के लिए जारी किया था. भारत में बीटा वर्सन का परीक्षण करनेवाले यूजर्स का कहना है कि वाट्स एप के इंटरफेस में सपोर्ट करनेवाले बैंकों की लंबी सूची है और वाट्स एप के सेटिंग मेनू में भुगतान फीचर दिखता है.

फेसबुक ने कहा कि समूचे प्रौद्योगिकी उद्योग को साथ आना चाहिए तथा लोगों के डाटा की सुरक्षा करनी चाहिए. फेसबुक के उत्पाद प्रबंधन के निदेशक डेविड बासेर के मुताबिक, अलग-अलग कंपनियों के बारे में करीब रोज ही ऐसी खबरें आती हैं कि लोगों की डाटा उनके यहां से गलत हाथों में चली गई है.

बासेर ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “भले ही हम गोपनीयता सुरक्षा को लेकर कदम उठा रहे हैं, लेकिन इससे मकसद पूरा नहीं होगा, क्योंकि कंपनियां एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं और हमारी प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को वापस मोड़ा नहीं जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘इसलिए हमें डाटा पोर्टेबिलिटी को वास्तविकता बनाने के लिए मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर एक-साथ काम करने की जरूरत है, साथ ही लोगों की गोपनीयता और सुरक्षा को प्राथमिकता बनाने की जरूरत है.’ फेसबुक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ट्विटर ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वे ओपन सोर्स की पहल, जिसे डेटा ट्रांसफर परियोजना (डीटीपी) नाम दिया गया है, उसमें शामिल हो रहे हैं.

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