‘पलटन’ के TRAILER रिलीज पर बोले निर्देशक जेपी दत्ता, ‘जवानों को अमर करने के लिए ही पैदा हुआ हूं’

publiclive.co.in [EDITED BY SIDDHARTH SINGH]

नई दिल्‍ली: करीब 11 साल के बाद ZEE स्टूडियो की फिल्म ‘पलटन’ से डायरेक्शन में वापसी कर रहे डायरेक्टर जेपी दत्ता फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान काफी भावुक हो गए. उनकी देशभक्ति की फिल्में जैसे ‘बॉर्डर’ और ‘एलओसी कारगिल’ हिंदी सिनेमा की आइकोनिक फिल्में हैं. ‘पलटन’ का ट्रेलर कुछ देर पहले ही रिलीज हुआ है और रिलीज के साथ ही इस ट्रेलर ने धूम मचा दी है. फिल्म का ट्रेलर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के भाषण से शुरु होता है और उसके बाद कहानी शुरु होती है. बॉलीवुड के कई बड़े एक्‍टर के साथ ही फिल्‍म में टीवी एक्‍टर गुरमीत चौधरी, अर्जुन रामपाल, सोनू सूद सहित हर्षवर्धन राणे, सिद्धार्थ कपूर और लव सिन्हा भी नजर आ रहे हैं.

इस ट्रेलर लॉन्‍च के मौके पर जेपी दत्ता कहते हैं कि वह इस दुनिया में आये ही इसलिए है कि वह अपने जवानों को अमर कर सकें. उनका सिनेमा के लिए जुनून और देशभक्ति की भावना उनकी हर फिल्म में नजर आती है. जेपी दत्ता ने कहा, ‘मैं यही करने के लिए पैदा हुआ हूं. मेरे लिए खुशी सिर्फ फिल्म बनाने में है. जब मैं फिल्म नहीं बनाता तो मैं उदास हूं. मेरी इस दुनिया में आने की वजह ही यह है कि मैं अपने जवानों को अमर कर सकूं.”

फिल्म पलटन की कहानी 1967 के नाथुला मिलिट्री क्‍लैश पर आधारित है जो कि सिक्किम बॉर्डर पर हुआ था. ट्रेलर की शुरुआत 1962 के इंडो-चाइनीज वॉर के फुटेज से होती है, जिसमें भारत युद्ध हार गया था. जल्द ही यह 1967 पर पहुंच जाता है जहां भारत ने नाथुला जीतने के लिए प्रतिकार किया था. जेपी दत्ता ने कई ऐसे किस्से बताएं जो उन्हें देश के जवानों की कहानी फिल्मी पर्दे पर उतारने के लिए प्रेरित करते हैं. यहां देखें फिल्‍म ‘पलटन’ का ट्रेलर.

फिल्म ‘पलटन’ के बारे में जेपी दत्ता बताते हैं कि, “नथुला के लिए यह लड़ाई लड़ी गई. पूरी पलटन वहां खड़ी रही अगर तब नथुला के लिए नहीं लड़े होते तो आज सिक्किम चाइना का हिस्सा होता. छोटी सी पलटन ने वहां लड़ाई लड़ी और जीती. यह कहानी ज्यादा लोगों को पता नहीं है लेकिन जरूरी है कि इस जीत की कहानी को हर कोई जाने. उन्होंने बताया, “अब भी मैं नथुला गया तो काफी भावुक हो गया. अब भी वहां वह कांटेदार तार लगी हुई है, जो उस वक्त लगाई गई थी, भारत और चाइना का बॉर्डर बनाने के लिए. आप वहां उस तार को देख सकते हैं, छू सकते हैं, उन सिपाहियों के खून को आप उस तार पर अभी भी महसूस कर सकते हैं. रोंगटे खड़े हो जाते हैं जब आप वहां जाते हैं. यह कहानी जब मुझे सुनाई गई तो मुझे लगा कि इस कहानी को लोगों तक पहुंचाने के लिए फिल्म से बेहतर माध्यम कोई नहीं हो सकता.’

जेपी दत्ता की यह फिल्‍म 7 सितंबर को रिलीज हो रही है.

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