राष्ट्रीय राजनीति में लालू यादव की अलग पहचान, अब तेजस्वी कर रहे हैं कोशिश!

publiclive.co.in [EDITED BY SIDDHARTH SINGH]

पटनाः बिहार के साथ-साथ पूरे देश में लालू यादव की एक अलग पहचान है. वह अपने अलग अंदाज के लिए हमेशा याद किए जाते हैं. आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव इन दिनों चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता है और अपने बीमारियों का इलाज कराने के लिए जमानत पर रिहा है. हालांकि कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हें किसी भी राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहना पड़ रहा है. ऐसे में आरजेडी को उनकी कमी खल रही है.

लालू यादव अब सजायाफ्ता है और उनका स्वास्थ्य काफी खराब होने से ऐसा लग रहा है कि वह राजनीति में उन्हें वापसी करने में काफी समय लगेगा. साथ ही परिवार में भी उन्हें आराम देने की बात की जा रही है. हालांकि राजनीति में आरजेडी और परिवार दोनों को उनकी कमी खल रही है. लोकसभा चुनाव 2019 और बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के मद्दे नजर अब आरजेडी को नया कमान संभालनेवाले की जरूरत है.

लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव इन दिनों राजनीति में काफी सक्रिय है और पूरे पार्टी की कमान संभाल रहे हैं. यहां तक की उन्हें आरजेडी ने अगला सीएम चेहरा मान भी लिया है. वहीं, राष्ट्रीय राजनीति में आरजेडी काफी पिछड़ चुकी है. मोदी लहर में आरजेडी को काफी नुकसान भी झेलना पड़ा था. वहीं, अब विपक्ष एक जुट होने पर विचार हो रहा है. वहीं, विपक्षी राष्ट्रीय पार्टियां आरजेडी में तेजस्वी को बड़ा चेहरा मानते हैं. ऐसे में तेजस्वी राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग जगह बनाने के लिए भी विचार करना शुरू कर दिया है.

राष्ट्रीय राजनीति की कवायद में तेजस्वी यादव अब बिहार से बाहर निकलकर सरकार का विरोध कर रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने नीतीश सरकार के खिलाफ मुजफ्फरपुर कांड के विरोध में नई दिल्ली में कैंडल मार्च करने का फैसला लिया है. वहीं, कैंडल मार्च में शामिल होने के लिए उन्होंने विपक्षी दलों को जुड़ने के लिए अनुरोध किया है. जिसके बाद उनके साथ कैंडल मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े शामिल होने के लिए तैयार हो गए हैं.

हालांकि तेजस्वी यादव कैंडल मार्च को केवल नीतीश सरकार का विरोध बता रहे हैं. लेकिन यह साफ दिख रहा है कि यह एक राष्ट्रीय राजनीति की कवायद है. तेजस्वी यादव बिहार के मुद्दे पर ही राष्ट्रीय राजनीति में अपनी एक अलग और युवा पहचान बनाने की कोशिश में लगे हैं.

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की भी राष्ट्रीय राजनीति में काफी सक्रिय रहे हैं. और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अहम भूमिका भी निभाई है. यूपीए सरकार में वह केंद्रीय मंत्री पद पर रहे हैं. लेकिन चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे लालू यादव अब सक्रिय राजनीति से दूर हो चुके हैं. लेकिन तेजस्वी यादव उनकी कमी को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. लोकसभा चुनाव 2019 के पहले वह राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े चेहरा बनने का मौका खोना नहीं चाहते हैं. यह पहला मौक है जब तेजस्वी जंतर-मंतर पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे हैं.

बता दें कि तेजस्वी यादव शनिवार (4 अगस्त) को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड और नीतीश सरकार के खिलाफ कैंडल मार्च निकालने का आयोजन किया है. राजधानी दिल्ली में इस तरह का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर काफी मायने रखता है यह तेजस्वी यादव को भी पता है. हालांकि इस आयोजन पर बिहार के उपमुख्यमंत्री का कहना है कि वह ऐसा कर बिहार को और भी बदनाम कर रहे हैं.

अब देखना यह है कि तेजस्वी यादव राष्ट्रीय राजधानी में अपने कैंडल मार्च के जरिए राष्ट्रीय राजनीति में कितनी छाप छोड़ते हैं.

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