WhatsApp पेमेंट सर्विस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका

publiclive.co.in [EDITED BY SIDDHARTH SINGH]

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर केन्द्र सरकार को यह निर्देश देने का आग्रह किया गया है कि जब तक वॉट्सऐप रिजर्व बैंक के तमाम प्रावधानों का पूरी तरह अनुपालन नहीं कर लेता है तब तक उसे भुगतान प्रणाली शुरू करने से रोका जाए. ‘सेंटर फॉर अकांउटेलिबिटी एंड सिस्टेमैटिक चेंज’ संगठन द्वारा दायर की गई इस याचिका में कहा गया है कि संदेश आदान-प्रदान की सुविधा देने वाली यह कंपनी भारत में कई कानूनी प्रावधानों को पूरा नहीं करती है.

क्या कहा गया है याचिका में…
याचिका में कहा गया है कि बैंक खाता खोलने के लिए ग्राहक को केवाईसी नियमों के साथ रिजर्व बैैंक द्वारा तय कई अन्य प्रावधानों को पूरा करना होता है. ‘‘वॉट्सऐप एक विदेशी कंपनी है, जिसका भारत में सर्वर नहीं है और कोई कार्यालय भी नहीं है. भारत में भुगतान सेवाएं शुरू करने के लिए वॉट्सऐप को भारत में कार्यालय खोलना होगा और भुगतान भी भारत में होने चाहिए.

वॉट्सऐप करे शिकायत अधिकारी की नियुक्ति- याचिकाकर्ता
इसमें कहा गया है कि इसके साथ ही वॉट्सऐप को एक शिकायत अधिकारी की भी भारत में नियुक्ति करनी होगी ताकि ग्राहक उसके समक्ष अपनी परेशानी रख सकें. इसके बावजूद बिना किसी निगरानी के कंपनी को अपनी भुगतान सेवाओं के साथ आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है.

अधिवक्ता विराग गुप्ता के जरिये दायर की गई इस याचिका में कहा गया है कि इस सोशल मीडिया क्षेत्र की यह बड़ी कंपनी भारत के कर कानून का अनुपालन नहीं करती है, लेकिन इसकी पहुंच सभी लोगों तक है चाहे वह आम आदमी हो या फिर शीर्ष न्यायालय के न्यायधीश हों.

भारत में 20 करोड़ लोग कर रहे वॉट्सऐप का इस्तेमाल
वॉट्सऐप के भारत में 20 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं. भारत में वॉट्सऐप की भुगतान सेवा का दस लाख लोग इस समय परीक्षण कर रहे हैं. फेसबुक की इस कंपनी के लिये यह बड़ा ग्राहक आधार होगा.

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