अब गुजरात की खास बस बुझाएगी बाढ़ से जूझ रहे केरल की प्यास

publiclive.co.in [EDITED BY SIDDHARTH SINGH]

नई दिल्ली/अहमदाबाद : केरल में लोगों के लिए आफत बना बाढ़ का पानी अब उतर चुका है. लेकिन इसके साथ ही लोगों के लिए दूसरी समस्या मुंह बाए खड़ी है. चारों ओर पानी ही पानी है, लेकिन लोगों को पीने के पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. शहरों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगे हुए हैं, लेकिन असली परेशानी ग्रामीण इलाकों की है. वहां पर पानी स्रोत बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं, ऐसे में पीने का पानी कहां से आए ये सबसे बड़ी समस्या है. केरल को इस सबसे बड़ी समस्या से अब गुजरात की बस निजात दिलाएगी.

इस खास बस को सेंट्रल साल्ट एंड मरीन केमिकल्स रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSMCRI) भावनगर ने तैयार किया है. मौके की नजाकत को देखते हुए इसे केरल के लिए रवाना कर दिया गया है. ये संभवत: शुक्रवार को पहुंच भी चुकी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ये 40 फीट लंबी बस एक बड़े वाटर प्यूरीफायर का काम करती है. ये बस दूर दराज के इलाकों में जाकर एक दिन में करीब 40 हजार लीटर पीने का पानी प्यूरीफाई कर सकती है. इतना ही नहीं इसके द्वारा फिल्टर किए गए पानी को WHO ने भी सुरक्षित बताया है.

CSMCRI के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय पाटिल ने बताया कि मेंब्रेन साइंस और सेपरेशन टेक्नोलॉजी डिवीजन इस बस का हिस्सा हैं. इस बस में मौजूद प्लांट किसी भी तरह के पानी को फिल्टर करने की क्षमता रखता है. इतना ही नहीं पानी का टीडीएस कितना भी ज्यादा हो या फिर तटीय इलाकों में कितना भी खारा पानी हो या प्लांट उसे पीने और इस्तेमाल के योग्य बना देता है. इस बस में लगा प्लांट सभी तरह के बेक्टीरिया और वायरस को पानी से अलग कर देता है.

पाटिल ने बताया कि ये बस तिरुवनंतपुरम के 250 किमी के क्षेत्र में रहेगी. ये केरल वाटर अथॉरिटी की मदद से वहां पर काम करेगी. ये बस 23 किलोवाट के पावर पर काम करती है, जो इसके इंजन के साथ जुड़ा हुआ है. इसके अलावा बस की छत पर सोलर प्लेट लगी हुई हैं. इस बस की बाकी की जरूरतें सोलर एनर्जी से पूरी होती हैं. ये बस कई बार इस तरह की आपात कालीन हालात में अपनी सेवाएं दे चुकी है. पाटिल के सहयोगी डॉ. निर्मल साहा ने कहा, अगर बस में डीजल खत्म हो जाता है तो सोलर पैनल के सहारे अल्ट्रा फिल्टेशन प्लांट चलता रहता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help