केरल बाढ़ : जितनी राशि केंद्र ने दी, उतना पैसा मुख्यमंत्री राहत कोष में आया, अब तक 539 करोड़ जमा

publiclive.co.in [EDITED BY SIDDHARTH SINGH]

तिरुवनंतपुरम : भयानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद केरल में जिंदगी सामान्य पटरी पर वापस लौटने लगी है, लेकिन राज्य में अब भी राहत शिविरों में 10.40 लाख लोग रह रहे हैं. बाढ़ की वजह से बेघर हुए लोगों के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. देश-विदेश से लोग राज्य की मदद करने के लिए सूबे को नकद राशि और जरूरी सामानो की मदद दे रहे हैं. इसके अलावा लोग सीधे मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में भी नकद राशि जमा कर रहे हैं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कल रात तक कुल 539 करोड़ की राशि जमा हो चुकी है. केंद्र सरकार ने केरल की बाढ़ से राहत के लिए 600 करोड़ की राशि जारी की है. इतनी ही राशि करीब करीब मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा हो चुकी है. अभी और सहायता जमा हो सकती है.

राहत शिविरों में रह रहे लोग अपने घरों में वापस लौटने लगे हैं, लेकिन राज्य के 2,770 शिविरों में अब भी 10.40 लाख लोग रह रहे हैं. बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब तक पिछले कुछ दिनों में करीब पांच लाख लोग अपने घर जा चुके हैं. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य के विभिन्न राहत शिविरों का दौरा किया और बताया कि राज्य सरकार अब प्रभावित लोगों के पुनर्वास और प्रदेश के दोबारा निर्माण पर ध्यान केंद्रित की हुई है.

राज्य में सफाई प्रक्रिया के बारे में उन्होंने कहा कि सफाई अभियान पहले से ही शुरू है. अब तक 37,000 से ज्यादा कुएं और 60,000 से ज्यादा घर साफ किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करके हम ओनम त्योहार का उत्सव मनाएंगे.’ उन्होंने लोगों को मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं बनाई जा रही हैं कि लोगों को बाढ़ से क्षति पहुंचे घरों के पुनर्निर्माण के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जाए.

केरल बाढ़ राहत के लिए अडाणी फाउंडेशन देगा 50 करोड़ रुपए
अडाणी समूह की निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) प्रकोष्ठ, अदानी फाउंडेशन ने केरल बाढ़ पीड़ितों के राहत और पुनर्वास के लिए 50 करोड़ रुपये देने की वचनबद्धता व्यक्त की है. कंपनी केरल के मुख्यमंत्री के आपदा राहत कोष में तत्काल 25 करोड़ रुपये की राहत उपलब्ध करायेगी और उसके बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए भी इतनी ही राशि देगी. कंपनी ने यहां एक बयान में कहा कि अदानी समूह के कर्मचारियों ने इस प्रयास के तहत एक दिन का अपना वेतन भी दिया है.

बयान में कहा गया है, “पुनर्निर्माण और पुनर्वास के अथक प्रयास में राज्य की सहायता के लिए वित्तीय सहायता चरणों में जारी की जाएगी.” फाउंडेशन, जिसका मूल आदर्श राष्ट्र निर्माण और नागरिकों का सशक्तिकरण है, ने अदानी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से बड़े पैमाने पर पुनर्वास कार्य शुरू कर दिया है. कंपनी की सहायता टीम बाढ़ पीड़ितों को राशन, कपड़े और दूसरी जरूरी चीजों के साथ राहत किट का वितरण कर रही है.

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