ऐसे चुनें सकते सबसे अच्‍छा कैंसर बीमा प्‍लान, नहीं पड़ेगा जेब पर बोझ

publiclive.co.in [EDITED BY SIDDHARTH SINGH]

नई दिल्ली : भारत में कैंसर दुनिया में सबसे उच्‍च स्‍तर पर है. डब्‍ल्‍यूएचओ के मुताबिक 2017 में कैंसर रोगियों की संख्‍या जहां 15 लाख थी उसके 2020 में बढ़कर 17.3 लाख होने की आशंका है. अनुमान है कि प्रत्येक भारतीय परिवार में कम से कम कैंसर का एक मरीज होगा, जबकि कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हर 6 या 8 में से एक भारतीय कभी ना कभी कैंसर की चपेट में आएगा. दुर्भाग्य से कैंसर एक ऐसी बीमारी है कि जो न सिर्फ किसी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि उसके पूरे परिवार को वित्तीय रूप से प्रभावित करती है. लेकिन इससे बचा जा सकता है. कैसे, अच्‍छा हेल्‍थ इंश्‍योरेंस लेकर. आइए जानते हैं सही हेल्‍थ पॉलिसी कैसे चुनी जाए.

बाजार में उपलब्‍ध है निश्चित लाभ योजना
बीमा कंपनियां अभी जो कैंसर बीमा योजना पेश कर रही हैं वह एक निश्चित लाभ योजना है. इसमें बीमित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता के बिना बीमाधारक को बीमा राशि का भुगतान किया जाता है. कैंसर बीमा प्लान सभी स्टेज के कैंसर को कवर करता है. हर स्टेज पर मुआवजा प्रदान करता है. इसके अलावा ये योजनाएं माइनर स्टेज कैंसर, मल्टीपल असंबद्ध कैंसर दावे और माइनर लाइफ कवर जैसे अतिरिक्त लाभ भी प्रदान करते हैं. पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के एसोसिएट निदेशक और क्लस्टर प्रमुख संतोष अग्रवाल का कहना है कि इसमें कोई शक नहीं है कि कैंसर बीमा योजना आपकी बीमारी के इलाज के दौरान आपकी संपत्ति और बचत की रक्षा करने का सबसे अच्छा तरीका है.

cancer insurance plan

25 लाख रुपए तक का प्‍लान अच्‍छा
अग्रवाल के मुताबिक कैंसर होने पर इसका इलाज काफी महंगा होता है. इसलिए सलाह दी जाती है कि कैंसर का बीमा प्लान अलग से खरीदना चाहिए. भारतीय बाजार में उपलब्ध ज्यादातर कैंसर बीमा प्लान इस बीमारी का पता लगने पर एकमुश्त भुगतान करते हैं. भारत में इलाज की लागत को देखते हुए कम से कम 20-25 लाख रुपये का प्लान खरीदना अच्छा रहेगा.

हर तरह के कैंसर का इलाज अलग होता है
अग्रवाल के मुताबिक कैंसर बीमा योजना खरीदते वक्त अधिकतम बीमित राशि वाली योजना ही खरीदनी चाहिए. साथ ही संपूर्ण बीमित राशि के विवरण को समझना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि हर तरह के कैंसर के इलाज का तरीका अलग-अलग होता है. अधिकतम बीमित राशि से बीमाधारक अपनी पूरी जिन्दगी के बचत को खर्च किए बिना नवीनतम तकनीक के साथ सबसे अच्छा कैंसर उपचार प्राप्त कर सकता है.

प्‍लान लेते वक्‍त प्रतीक्षा अवधि देखना जरूरी
अग्रवाल ने कहा कि कैंसर बीमा प्लान लेते वक्त इसकी प्रतीक्षा अवधि पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इस अवधि से पहले बीमा का दावा नहीं कर सकते. इसलिए ऐसी पॉलिसी खरीदें, जिसकी प्रतीक्षा अवधि कम से कम हो. समान्यत: अधिकतम बीमा योजनाओं की प्रतीक्षा अवधि 180 दिन से 365 दिन के बीच होती है.
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एडवांस स्‍टेज में 100 फीसदी मिलती है राशि
उन्होंने कहा कि कैंसर बीमा प्लान के अंतर्गत कैंसर के सभी चरणों में बीमित राशि का भुगतान किया जाता है, जोकि शुरुआती चरण में 20 से 25 फीसदी होता है, तथा एडवांस स्टेज में 100 फीसदी किया जाता है, हालांकि कई पॉलिसियों में बीमित राशि का 150 फीसदी तक भुगतान किया जाता है.

कुछ स्थितियों में नहीं होता कैंसर का बीमा
अग्रवाल ने बताया कि कुछ स्थितियों में कंपनियां कैंसर का बीमा नहीं करती है, जिसमें अगर बीमा लेने से पहले से कैंसर हो, त्वचा कैंसर हो, यौन संक्रमित बीमारियां, एचआईवी, या एड्स के कारण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से हुआ कैंसर, किसी जन्मजात कारण के हुआ कैंसर, जैविक, परमाणु या रासायनिक प्रदूषण से हुआ कैंसर, विकिरण या रेडियोधर्मिता के संपर्क में आने से हुआ कैंसर शामिल है.

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