रामगंगा खतरे के निशान से ऊपर आगया , मुरादाबाद-रामपुर में हाल बेहाल

publiclive.co.in.[EDITED BY SIDDHARTH SINGH]

नई दिल्ली/मुरादाबाद: लगातार हो रही बारिश के वजह से मुरादाबाद, रामपुर और आस-पास के इलाकों में हाल बेहाल होने लगे है. रामगंगा का जल स्तर खतरे के निशान से लगभग 40 सेमी. से ऊपर पहुंच गया है. करीब तीन दर्जन गांवों में पानी और एक दर्जन से ज्यादा कच्चे मकान गिर गए हैं. मुरादाबाद के कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है. नदी का पानी काजीपुरा तटबंध व बलिया बल्लभगढ़ के किनारे को छूने लगा है. रायभूड़ और गोपालपुर गांव के चारों ओर पानी भरने से ग्रामीणों की आवाजाही बंद हो गई है. स्कूलों में पानी भरने से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं. आलम ये है कि पूरी रात ग्रामीणों ने छतों गुजार रही है.

लगातार हो रही मूसलादार बारिश की वजह से रामगंगा का जल स्तर बढ़ रहा है. रामगंगा खतरे का निशान पार करते हुए 190.73 तक पहुंच गई है. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खो और हरेवली बैराज से लगभग 46,596 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो करीब 10-12 घंटे में महानगर की सीमा में दाखिल होकर गुजरेगा.

लगातार बढ़ रहे पानी की वजह से ग्रामीणों में दहशत है. सभी सुरक्षित स्थानों की तलाश शुरू कर दी है. कई स्थानों पर पुलिस को सर्तक कर दिया गया है. पुलिस ने बताया कि स्थिति की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है. वहीं, कोसी की बाढ़ का पानी रामपुर शहर की सीमा तक पहुंचने से लोगों में दहशत है. रामपुर बांध तक नाव चल रही है. शहर की सरहद पर स्थित ग्राम घाटमपुर, हजरतपुर जलमग्न हो गए हैं.

अमरोहा के तिगरी में गंगा खतरे के निशान से केवल 1.70 मीटर दूर रह गई है. गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर में बेचैनी फैल रही है और गंगा के तटीय इलाके में रहने वालों की नींद उड़ गई है. दिल्ली-लखनऊ रेल ट्रैक के किनारे भी गहरा पानी भर गया है. पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के चलते संभल के असमोली, कुढ़ और चंदौसी इलाकों में एक दर्जन से अधिक मकान गिर गए हैं. इससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है.

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