यौन शोषण के विवादों में दुनिया का सबसे बड़ा तांत्रिक स्कूल, इस योगगुरु का भारत से है कनेक्शन

publiclive.co.in[Edited by RANJEET]
थाइलैंड के सबसे खूबसूरत आइलैंड कोह पेंगान पर बना दुनिया का सबसे बड़ा तांत्रिक स्कूल विवादों के घेरे में आ गया है. यहां के कर्ताधर्ता योग गुरु स्वामी विवेकानंद सरस्वती उर्फ नारसिस तारकाउ पर यहां के 16 पुराने फॉलोअर्स ने शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं. इनमें 14 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं. अगम योगा नाम का ये योगा स्कूल हजारों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हुआ करता था, लेकिन इस नए विवाद ने इसकी चमक पर ग्रहण लगा दिया है. प्राचीन तांत्रिक विधाओं को सिखाने का दावा करने वाले इस स्कूल के प्रमुख का ऐसे विवादों में घिरना तमाम सवाल खड़े कर रहा है.

ये योगा स्कूल तब विवादों में घिरा जब यहां के 16 फालोअर्स ने ही गंभीर आरोप जड़ दिए. इनका आरोप हैं कि यहां पर यह सब लंबे समय से चल रहा है. यहां सैकड़ों महिलाओं का ब्रेन वॉश किया जाता है ताकि वह स्वामी के साथ शारीरिक संबंध बनाएं. अब तक 31 महिलाएं इस तरह के आरोप लगा चुकी हैं. शुरुआत में इस मामले को दबाने के लिए अगमा योगा स्कूल ने अपने ही स्तर पर जांच की, लेकिन दबाव बढ़ने पर अब एक स्वतंत्र कमेटी इस मामले की जांच कर रही है.

इस मामले ने इसी साल जुलाई में तब गंभीर रूप ले लिया जब कई महिलाओं ने योगा स्कूल में अपने यौन शोषण की बात कही. मौके को भांपकर स्वामी इस द्वीप से पहले ही भाग निकला. अभी तक इस पूरे मामले पर उसका कोई भी बयान सामने नहीं आया है. आरोप लगाने वाली 14 महिलाओं में से ज्यादा यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, अमेरिका और कनाडा से हैं. इनमें से तीन महिलाओं ने पहचान छिपाने की शर्त पर बताया कि स्वामी ने धार्मिक बातों का सहारा लेकर उनके साथ बलात्कार किया. वहीं दूसरी महिलाओं ने अपने यौन शोषण का दावा किया.

द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक एक महिला ने अपने बयान में कहा, स्वामी ने पहले मुझे गलत तरीके से छुआ. इसके बाद उसने मुझे बाहों में भर लिया. बाद में उसने उसे अपने साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया, जब महिला ने उससे ऐसा करने के लिए मना किया तो उसने कहा, मैं जानता हूं कि तुम्हारे लिए क्या सही है. इस योगा स्कूल के महिला और पुरुष स्टूडेंट्स का कहना है कि उन्हें ऐसा लगता है कि इस तरह से यौन संबंध बनाना इस स्कूल में अक्सर होता है. उनका कहना है कि स्वामी के अलावा अगमा में दो वरिष्ठ टीचर भी यौन शोषण करते हैं. जुलाई में जब ये मामला सामने आया तो ये भी कोह पेंगन छोड़कर भाग गए. हालांकि स्कूल प्रबंधन का दावा है कि उन्होंने इन दोनों टीचर को निकाल दिया.

पीड़ितों का दावा है कि इस स्कूल में आने वाली महिला स्टूडेंट का यौन शोषण किया जा सके, इसके लिए पहले यहां पर उनका ब्रेन वॉश किया जाता है, ताकि वह किसी से कुछ न कहें, इसके बाद भी अगर कोई मुंह खोलने की हिम्मत दिखाने की कोशिश करता है तो उसे धमकी दी जाती है. इसे नकारात्मक कर्म कहा जाता है. एक महिला का कहना है कि ये लोग इसलिए भी मनमानी कर पाते हैं, क्योंकि लोग इन पर बहुत भरोसा करते हैं. स्कूल का इन आरोपों पर कहना है कि हमने किसी भी आरोप को नकारा नहीं है.

कब बना ये सबसे बड़ा तांत्रिक योगा स्कूल
2003 से इसे दुनिया के सबसे बड़े तांत्रिक योगा स्कूल के तौर पर जाना जाता है. ये योगा के कई कोर्स कराने का दावा करता है. इसका मुख्यालय थाइलैंड में है. इसकी कुछ शाखाएं भारत, कोलंबिया और ऑस्ट्रिया में हैं. यहां हर साल हजारो पर्यटक आते हैं. यहां आने वाले लोगों में यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से होते हैं. एक समय यहां पर 200 योगा स्टूडेंट थे. प्रथम लेवल का कोर्स यहां पर 305 पाउंड में होता है.

कौन है स्वामी तरकाउ
इस स्कूल को चलाने वाला स्वामी विवेकानंद सरस्वती उर्फ तरकाउ मूल रूप से रोमानिया का रहने वाला है. वह लंबे समय तक ऋषिकेश में रहा. इसके बाद उसने थाइलैंड में ये स्कूल स्थापित किया. तरकाउ ने रोमानिया के कथित गुरु ग्रेगोरियन बिवोलारू से विद्या हासिल की. बिवोलारू इतना विवादित था कि वह अपने बारे में यह प्रचारित किया था वह 1000 कुंवारी लड़कियों के साथ सोना चाहता है. 2004 में एक नाबालिग के यौन शोषण के आरोप में वह भगोड़ा था. 2016 में उसे पेरिस से गिरफ्तार कर लिया गया.

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