तीन तलाक अध्यादेश पर बोले ओवैसी, इससे नहीं मिलेगा मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ

publiclive.co.in[EDITED BY SIDDHARTH SINGH]

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक साथ तीन तलाक के खिलाफ अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक साथ तीन तलाक के खिलाफ लाए गए अध्यादेश पर कहा कि ये अध्यादेश मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है.

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस अध्यादेश से मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ नहीं मिलेगा. उन्‍होंने कहा कि इस्लाम में शादी एक सामाजिक अनुबंध है और उसमें सजा के प्रावधान को जोड़ना गलत है. ये अध्यादेश असंवैधानिक है. उन्होंने अध्यादेश का विरोध करते हुए कहा कि ये संविधान में दिए गए समानता के अधिकार के खिलाफ है, क्योंकि ये सिर्फ मुसलमानों के लिए बनाया गया है. ओवैसी ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तथा महिला संगठनों को इस अध्यादेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए.

asasuddin owaisi says triple divorce ordinance is against the Muslim women

एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मांग की है कि सरकार तीन तलाक कानून का आपराधिकरण करने के बजाय उन 24 लाख शादीशुदा महिलाओं के लिए कानून लाए, जिन्हें बिना तलाक दिए उनके पति छोड़ चुके हैं.

आपको बता दे कि बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ट्रिपल तलाक के खिलाफ अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जानकारी दी कि इस अध्यादेश का मुख्य पहलू ये है कि ये अपराध उसी स्थिति में संज्ञेय माना जाएगा, जब पीड़िता इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएगी या उसका कोई रिश्तेदार इस संबंध में केस दर्ज कराएगा.

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