कैंसर के रोकथाम के लिए यह दवा हो सकती है कारगर, कई बीमारियों से दिला सकती है निजात

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वैज्ञानिकों का कहना है कि दर्द निवारक दवा एस्पिरिन लेने से कैंसर रोगियों के जीवित रहने की संभावना बढ़ सकती है. इस दवा के इस्तेमाल से शरीर के अन्य भागों में बीमारी फैलने का खतरा भी कम हो सकता है. शोधकर्ताओं ने 71 चिकित्सा अध्ययनों का विश्लेषण किया, जिसमें एस्प्रिन लेने वाले कैंसर पीड़ित 1,20,000 रोगियों और एस्प्रिन नहीं लेने वाले चार लाख रोगियों के जीवन जीने की संभावना को देखा गया. इसमें पता चला कि कुछ प्रकार के कैंसर के मामले में एस्प्रिन लेने वाले मरीजों की जीवित रहने की संभावना 20 से 30 फीसदी अधिक थी. एस्पिरिन का इस्तेमाल करने वाले रोगियों के शरीर के अन्य भागों तक कैंसर के फैलाव में भी काफी कमी आई.

ब्रिटेन में कार्डिफ विश्वविद्यालय के पीटर एलवुड ने कहा, ‘‘ हृदय रोग, आघात और कैंसर में निवारक के रूप में एस्पिरिन की कम खुराक का इस्तेमाल अच्छी तरह से स्थापित है लेकिन अब ऐसा साक्ष्य सामने आ रहा है जिसमें यह पता चल रहा है कि इस दवा की कैंसर के वैकल्पिक उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है.’’

वैज्ञानिकों ने लंच बॉक्स के आकार का उपकरण किया विकसित, कैंसर रोगियों को मिलेगा फायदा
वैज्ञानिकों ने कैंसर का पता लगाने वाला एक उपकरण विकसित किया है जो कि एक लंच बॉक्स के आकार का है. इसका इस्तेमाल विश्व के दूरदराज वाले इलाकों के इस बीमारी का त्वरित और सटीक तरीके से पता लगाने में किया जा सकता है. कापोसी सारकोमा (केएस) एक तरह का कैंसर होता है जो रक्त वाहिकाओं में होता है. यह आमतौर पर त्वचा, मुंह में या आंतरिक घाव के रूप में उभरता है.

इसका जल्द पता लगाने के बेहतर परिणाम होते हैं. ऐसा विकासशील देशों में ऐसा हमेशा संभव नहीं होता क्योंकि वहां पैथालॉजिकल जांच में एक से दो सप्ताह का समय लग जाता है. इस उपकरण ‘टीआईएनवाई‘ का मुख्य लाभ यह है कि यह बिजली, सूर्य आदि से गर्मी एकत्रित करके उसे जांच में इस्तेमाल के लिए एकत्रित कर सकता है. यह उपकरण बिजली अस्थायी रूप से कटने पर भी काम करते रहता है.

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