लिक्विड नाइट्रोजन से हड्डी के कैंसर का सफल इलाज हुआ राजस्थान में

publiclive.co.in [EDITED BY RANJEET]

राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस से रोगियों के लिए अच्छी खबर है. यहां पर लिक्विड नाइट्रोजन से हड्डी के कैंसर का सफल इलाज किया गया है. अस्पताल में किए गए इस तरह के पहले ऑपरेशन को भामाशाह योजना से किया गया है. इस सफल सर्जरी के बाद गरीब मजदूर के बेटे को नई जिंदगी मिली है. ऑपरेशन करने वाली टीम में मुख्य रूप से डॉ. डीएस मीणा, डॉ. राजकुमार हर्षवाल, डॉ. नरेंद्र सैनी और डॉ. मूल सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे. उन्होंने बताया कि प्रवीण को ऑस्टियो सार्कोमा कैंसर था.

ऑपरेशन से डॉक्टरों से रचा इतिहास
एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकों इस ऑपरेशन से एक बार फिर कीर्तिमान रच दिया है. 17 वर्षीय प्रवीण ऑस्टियो सार्कोमा कैंसर से पीड़ित था, जिसका हड्डी रोग विशेषज्ञों ने लिक्विड नाइट्रोजन पद्दति से सफल इलाज किया. खास बात ये रही कि मरीज का भामाशाह योजना में निशुल्क उपचार किया गया है. धौलपुर निवासी प्रवीण पिछले छह महीने से जांघ में दर्द की शिकायत कर रहा था. कई चिकित्सकों को दिखाने के बावजूद उसे कोई आराम नहीं मिला.

जांच के बाद हड्डी के कैंसर की आंशका जताई
पिछले दिनों प्रवीण को एसएमएस अस्पताल लाया गया, यहां डॉ. डीएस मीणा ने जांच के बाद हड्डी के कैंसर की आंशका जताई. बायोप्सी में ऑस्टियो सार्कोमा कैंसर की पुष्टि हुई तो चिकित्सकों ने पाया कि ऐसे मामले में कीमोथेरेपी और सर्जरी दोनों की ही जरूरत होगी. ऐसे में पहले कीमोथेरेपी और फिर जटिल सर्जरी कर प्रवीण को नया जीवन दिया गया. आमतौर पर ऐसे मामले में कीमोथेरेपी के बाद हड्डी को निकालकर स्टील या टाइटेनियम का प्रोस्थेसिस लगाया जाता है. लेकिन 5 से 10 साल में खराबी होने के कारण बच्चों में इसके उपयोग से बचा जाता है.

इस स्थिति में चिकित्सकों ने लिक्विड नाइट्रोजन प्रणाली पर जाने का फैसला लिया. प्रदेश में हुई इस तरह की पहली सर्जरी में कैंसर ग्रस्त हड्डी को बाहर निकाला गया और फिर कैंसर को हटाकर हड्डी को लिक्विड नाइट्रोजन से भरे थरमस में डालकर 20 मिनट तक क्रायोएबलट किया गया. ताकि, हड्डी पर मौजूद सभी जीवत कोशिकाएं मर जाए. इसके बाद हड्डी को दुबारा मरीज में लॉकिंग प्लेटस लगा प्रत्यारोपित किया गया.

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