तमिलनाडु ने धार्मिक परंपरा केअनुसार सुबह के वक्त भी पटाखे फोड़ने की मांगी इजाजत

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तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को अनुरोध किया कि दिवाली के दिन राज्य की धार्मिक परंपरा के मुताबिक सुबह के वक्त भी पटाखे फोड़ने की इजाजत दी जाए. उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 23 अक्टूबर को कहा था कि लोग दिवाली और अन्य त्योहारों पर रात आठ बजे से लेकर रात 10 बजे तक पटाखे फोड़ सकते हैं.

तमिलनाडु सरकार ने अधिवक्ता बी विनोद खन्ना के मार्फत याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश में संशोधन करने का अनुरोध करते हुए कहा है कि राज्य में सुबह साढ़े चार बजे से लेकर सुबह साढ़े छह बजे तक भी पटाखे फोड़ने की इजाजत दी जाए.

याचिका के मुताबिक जहां तक दिवाली का उत्सव है, हर राज्य या पंथ की अलग परंपराएं और संस्कृति है तथा उच्चतम न्यायालय का प्रतिबंध लोगों के वाजिब धार्मिक अधिकारों को खारिज करता है और इससे राज्य के लोगों को काफी परेशानी होगी.

याचिका में कहा गया है कि दिवाली का उत्सव एक मुख्य और अनिवार्य परंपरा बन गया है जिसका संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत नागरिकों के मूल अधिकार के रूप में संरक्षण किया गया है. इसमें कहा गया है कि तड़के नरकासुर का देवी द्वारा वध किए जाने के उपलक्ष में राज्य में सुबह – सुबह दिवाली मनाया जाता है.

याचिका में कहा गया कि न्यायालय के आदेश में संशोधन की मांग पर्यावरण के हित में है. दरअसल, पूरी आबादी एक ही समय पर पटाखे नहीं फोड़ेगी क्योंकि इससे काफी प्रदूषण होगा. लोगों को दो अलग – अलग समय पर पटाखे फोड़ने की इजाजत दिए जाने से धुंध भी कम लगेगी. साथ ही, किसी दुर्घटना से निपटने के लिए दमकल सेवा भी आसानी से उपलब्ध होगी.

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