विकेट के पीछे फिर दिखी धोनी की बिजली-सी रफ्तार

publiclive.co.in[edited by RANJEET]

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज में नहीं चुना गया है. उनके बल्ले से निकलने वाले रन जो भारत को बड़े स्कोर की ओर ले जाते थे, लगता है अब खत्म हो गए हैं. ऐसे में चयनकर्ताओं ने पहली बार उनकी अनदेखी कर टीम में शामिल नहीं किया, लेकिन लेकिन फील्डिंग, स्टंपिंग और लीडरशिप क्वालिटीज के मामले में महेंद्र सिंह धोनी का अब भी कोई सानी नहीं है. और वक्त-वक्त पर धोनी इस बात को साबित भी करते रहते हैं.

वेस्टइंडीज के खिलाफ भले ही महेंद्र सिंह धोनी का बल्ला खामोश हो, लेकिन इस वन-डे सीरीज में धोनी ने डाइव कैच, रनिंग और शानदार स्टंपिंग से इस बात को बार-बार साबित किया है कि वह टीम इंडिया के लिए 37 साल की उम्र में भी क्यों जरूरी हैं.

मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेले गए चौथे वन-डे मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ महेंद्र सिंह धोनी ने जिस तरह कीमो पॉल को स्टंप आउट किया, उससे यही लगता है कि उनके भीतर अब भी बहुत सारा क्रिकेट बचा हुआ है. 378 रनों का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की पारी का 28वां ओवर था. रवींद्र जडेजा ने कीमो पॉल को एक गेंद फेंकी. पॉल ने शॉट खेलने के लिए क्रीज से पैर क्षण भर को ही निकाला होगा, लेकिन धोनी ने पलक झपकते ही उनकी गिल्लयां उड़ा दीं.

मैदान पर खड़े अंपायर ने तीसरे अंपायर की मदद मांगी. पाया गया कि पॉल क्रीज से बाहर थे. हालांकि, कीमो पॉल पहले ही पवेलियन की तरफ लौटने लगे थे. धोनी के एक्सप्रेशन से साफ लग रहा था कि उन्हें पॉल के आउट होने में कोई संदेह नहीं है. रवींद्र जडेजा ने भी इस बारे में इशारों में धोनी से पूछा था और धोनी सिर्फ मुस्कुरा दिए. इसका मतलब साफ था कि कीमो पॉल अपना विकेट गंवा चुके हैं. बाद में पता चला कि धोनी का स्टंप के लिए रिएक्शन टाइम केवल 0.08 सेकंड का था. महेंद्र धोनी की उम्र बेशक बढ़ रही है, लेकिन विकेट के पीछे उनके हाथ की सफाई अभी तक बाकी है. फैन्स ने भी इस वीडियो को शेयर किया है और धोनी की जमकर तारीफ की है.

बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी का बल्ले से खराब फॉर्म वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे वन-डे मैच में भी जारी रहा. इस मैच में भी वह 10,000 वनडे रन पूरे नहीं कर पाए. भारत के लिए खेलते हुए 10 हजार बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल होने के लिए धोनी को केवल एक रन की जरूरत है. धोनी ने वनडे प्रारूप में 10,000 रन पूरे कर चुके हैं. उनके कुल 10,173 रन हैं. उन्होंने 2007 में अफ्रीका एकादश के खिलाफ एशियाई एकादश के लिए तीन मैचों की सीरीज में 174 रन बनाए थे.

हालांकि, भारत के लिए खेलते हुए वनडे प्रारूप में धोनी ने कुल 9,999 पन बनाए हैं. उन्होंने ब्रेबॉर्न स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ 23 रन बनाए और 10 हजारी बनने से केवल एक रन पीछे रह गए.

रांची ने इस साल वनडे प्रारूप में खेली गईं 12 पारियों में 68.10 स्ट्राइकर रेट से 252 रन बनाए हैं. खराब फॉर्म के कारण उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज और आस्ट्रेलिया के खिलाफ घर में खेली जाने वाली सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है.

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