इंदौर-3 विधानसभा सीट पर विजयवर्गीय के बेटे की राह नहीं होगी आसान

publiclive.co.in[Edited by RANJEET]
इंदौर जिले की 9 विधानसभा सीटों में से एक इंदौर-3 इन दिनों खास चर्चा में है. यह चर्चा इसलिए है कि बीजेपी ने बड़ा उलटफेर करते हुए इंदौर-3 से अपनी निवर्तमान विधायक उषा ठाकुर को टिकट न देकर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. हालांकि, बीजेपी ने उषा ठाकुर को इंदौर जिले की ही महू सीट से विधायक बनाया है. गौरतलब है कि इस सीट पर 2013 में उषा ठाकुर ने कांग्रेस के प्रत्याशी अश्विन जोशी का 1998 से जारी ‘तिलिस्म’ तोड़ दिया था. यह सीट 1998 से 2013 तक कांग्रेस के कब्जे में रही थी.

इंदौर-3 विधानसभा सीट
इंदौर-3 विधानसभा सीट में बीजेपी के आकाश विजयवर्गीय और कांग्रेस के अश्विन जोशी जमकर पसीना बहा रहे हैं. दरअसल, यह सीट बीजेपी के साथ ही कांग्रेस की भी नाक का सवाल बन गई है. बीजेपी के प्रत्याशी आकाश पर जहां अपना पहला चुनाव जीतने का दबाव है. वहीं, कांग्रेस के अश्विन जोशी भी यहां अपनी ‘पुरानी सत्ता’ के ख्वाब को फिर से जिंदा करने की कोशिश में लगे हैं. अश्विन जोशी कांग्रेस नेता और 1980 से 1990 तक इस सीट के पूर्व विधायक रहे महेश जोशी के भतीजे हैं. अश्विन जोशी इस सीट पर 1998 से 2013 तक विधायक रहे थे.

आकाश विजयवर्गीय पर है भारी दबाव
2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की उम्मीदवार उषा ठाकुर ने जोशी को 13,318 वोटों से हराकर इस सीट पर ‘जोशी का जादू’ खत्म किया था. वहीं, आकाश पहली बार चुनावी मैदान में हैं. इससे पहले वह इंदौर जिले की ही महू विधानसभा सीट से चुनाव की तैयारी कर रहे थे, लेकिन बीजेपी ने उन्हें इंदौर-3 से अपना प्रत्याशी बनाया है. गौरतलब है कि आकाश के पिता बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय इंदौर जिले की अलग-अलग सीटों से 6 बार विधायक रह चुके हैं.

चुनाव आयोग के अनुसार, इंदौर-3 विधानसभा में कुल 1,87,138 मतदाता हैं. इनमें से 95,108 पुरुष और 91,949 महिला मतदाता हैं. इसके साथ ही 32 थर्ड जेंडर के मतदाता और 49 सर्विस इलेक्टर्स हैं.

विधायक का प्रभाव और क्षेत्र का विकास
कहा जाता है कि 1998 से 2013 तक विधायक रहे अश्विन जोशी अपने वादों को पूरा करने के कारण ही इंदौर-3 पर जीते थे. वहीं, 2013 के चुनाव में जोशी जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं कर सके थे, इसलिए ही उन्हें हार का स्वाद चखना पड़ा. मतदाताओं के इस मिजाज को पहचान कर निवर्तमान विधायक उषा ठाकुर ने शहर में मूलभूत सुविधाओं और वादों पर ही खुद को फोकस रखा था. ठाकुर ने इस सीट पर काफी काम किए थे.

क्षेत्र की वर्तमान समस्याएं
इस क्षेत्र में पानी की समस्या सबसे बड़ा चुनावी फैक्टर है. इसके साथ ही यातायात समस्या भी एक बड़ी परेशानी है. इस क्षेत्र में अभी काफी काम करने की जरूरत है.

मुद्दों पर होती है हार-जीत तय
इंदौर-3 विधानसभा सीट पर मतदान मुद्दों के ऊपर होता है. अलग-अलग वर्ग के मतदाताओं की मिक्स आबादी वाली इस सीट पर जनता के मुद्दे ही सियासी राह तय करते हैं.

प्रसिद्ध स्थल
बिजासन माता मंदिर एक सिद्ध देवी धाम है. यहां हजारों की संख्या में भक्त हर साल दर्शन के लिए आते हैं. वहीं, खजराना का गणेश मंदिर में भगवान गणेश की सबसे बड़ी मूर्ति है. कहा जाता है कि गणेश की यह मूर्ति दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति है.

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