3 हिस्सों में बांटे जाएंगे OBC, आरक्षण बंटवारे का नया फॉर्मूला !

publiclive.co.in[edited by RANJEET]
लोकसभा चुनाव 2019 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राजनीतिक बिसात बिछती जा रही है. उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बेहद अहम है. 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां 80 में से 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 2019 में अपने बलबूते पर अगर बीजेपी फिर से केंद्र में सरकार बनाना चाहती है तो उसे उत्तर प्रदेश में अपनी जीत दोहरानी होगी. इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार उत्तर प्रदेश में नए जातीय समीकरण तैयार कर रही है. योगी सरकार वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में बंटवारे के बारे में सोच रही है.

आरक्षण बंटवारे को लेकर गठित की गई सामाजिक न्याय समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है कि आरक्षण कोटे को जाति के आधार पर सब-कैटेगरी में बांटा जाए. हालांकि, इस मामले में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेना है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ओबीसी आरक्षण को तीन सब-कैटेगरी में बांट दिया जाए. तीनों सब कैटेगरी में 9-9 फीसदी आरक्षण दिए जाएंगे. इसके लिए समिति ने जाति के आधार पर पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग बनाए जाने की बात कही गई है. इस रिपोर्ट में पिछड़ा वर्ग में 12 जातियों, अति पिछड़ा वर्ग में 59 जातियों और सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग में 79 जातियों को शामिल किया गया है.

इसका मतलब यह हुआ कि अगर ओबीसी कोटे के तहत 9 लोगों का चयन होना होगा तो एक वर्ग के खाते में 3 पद आएंगे. बता दें कि यादव, ग्वाल, सुनार, कुर्मी जैसी जातियां पिछड़ा वर्ग में आएंगी, जिससे उन्हें पहले की तुलना में नुकसान उठाना पड़ेगा.

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समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि एससी और एसटी आरक्षण (कुल 22 फीसदी) को मिलाकर तीन सब कैटेगरी में बांट दिया जाए. दलित को 7 फीसदी, अति दलित को 7 फीसदी और महादलित को 8 फीसदी आरक्षण देने की बात कही गई है. दलित वर्ग में 4, अति दलित वर्ग में 32 और महादलित वर्ग में 46 जातियों को रखने की सिफारिश की गई है.

बता दें, योगी सरकार लंबे समय से 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति की कैटेगरी में डालने के बारे में सोच रही थी. दरअसल, सपा और बसपा गठबंधन होने के बाद बीजेपी को पता है कि उसके ओबीसी वोटर में सेंध लगे हैं. इसलिए आरक्षण के जरिए नई बिसात बिछाई जा रही है. प्रदेश में जिन 17 जातियों को अनुसूचित जातियों के दायरे में लाने की बात की जा रही थी उनकी आबादी करीब 13.63 फीसदी है.

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