लेक पिछोला के किनारे हो रही है ईशा अंबानी की प्री-वेडिंग सेरेमनी, उदयपुर के इस होटल में मनेगा जश्‍न

publiclive.co.in[Edited by Ranjeet]
शाही अंदाज और अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जाने जाना वाला प्रदेश राजस्‍थान वेडिंग डेस्‍ट‍िनेशन के लिए फेमस रहा है. पिछले कुछ सालों में पर्यटन के अलावा यहां के कुछ प्रमुख शहरों में डेस्‍ट‍िनेशन शादी का क्रेज भी बढ़ गया है. जोधपुर में प्रियंका चोपड़ा की रॉयल वेडिंग के बाद अब देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की लाडली बेटी ईशा अंबानी की प्री वेडिंग सेरेमनी उदयपुर में चल रही है. उदयपुर की लेक पिछोला के किनारे होटल उदयविलास में ईशा और आनंद की शादी के पहले की रस्‍मों का जश्‍न चल रहा है.

देश लेकर विदेश तक के कई बड़े सेलिब्रेटी इस प्री वेडिंग सेरेमनी के लिए उदयपुर पहुंच चुके हैं. आ रही खबरों की मानें तो उदयपुर में होटल उदयविलास के अलावा लेक पैलेस, लीला, रेडिसन ब्लू, रमाडा, ट्राइडेंट और ललित लक्ष्मी विलास सहित अन्य होटलों में 2000 से ज्यादा कमरे मेहमानों के लिए बुक किए गए हैं. वहीं सुरक्षा के लिहाज से भी कई पुख्‍ता इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा के लिए इजरायल और लंदन की कम्पनियों को जिम्मेदारी दी गई है.

लेक पिछोला का खूबसूरत किनारा
बता दें कि पिछोला के किनारे बना द ओबरॉय उदयविलास उदयपुर के सबसे लग्जरी होटल्स में से एक है. 50 एकड़ में फैला यह होटल किसी जमाने में मेवाड़ के महाराणा का हिस्सा हुआ करता था. 2015-16 के नेशनल टूरिज्म अवॉर्ड में उदयपुर के द ओबरॉय उदयविलास को 5 स्टार डिलक्स कैटिगरी में बेस्ट होटल का अवॉर्ड मिला था. वहीं लेक पिछोला अपने सनसेट के लिए पर्यटकों के बीच काफी फेमस है. इस झील का निर्माण राणा लाखा के काल में एक बंजारे ने करवाया था जिनका नाम पिच्छु बंजारा है. पिच्छु बंजारा के ही नाम पर इसे पिछोला झील नाम दिया गया है. दरअसल पिच्छु बंजारे ने इतनी विशाल झील का निर्माण नहीं केवल कोटडा नदी के पानी को बांध के सहारे एक जगह इक्कठा किया था लेकिन बाद में राणा उदय सिंह जी ने बांध को तुड़वा कर झील का निर्माण कराया.

झीलों का शहर उदयपुर
उदयपुर एक शाही शहर है जो सदियों से मेवाड़ शासकों की राजधानी थी. उदयपुर के पीछे एक किंवदंती है कि एक बार, महाराणा उदय सिंह अरविल्ली हिल्स में अपने शिकार अभियान पर थे, जब एक पवित्र ऋषि से मिलने हुआ. ऋषि ने राजा को उपजाऊ घाटी में एक राज्य स्थापित करने की सलाह दी, जो ऊंचा अरावली पहाड़ियों से अच्छी तरह से संरक्षित होगा. इसके बाद, महाराणा उदय सिंह ने 1557 एडी में उदयपुर का आधारशिला रखी. उदयपुर मेवाड़ की राजधानी बना रहा, जब तक कि 1818 में यह ब्रिटिश भारत का रियासत बन गया. 1947 में आजादी के बाद मेवाड़ राजस्थान राज्य में विलय हो गया. उदयपुर अपने शाही अतीत के लिए जाना जाता है. प्राचीन स्मारकों, विशाल महलों, मंदिरों और खूबसूरत झीलों के लिए जाना जाता है.

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