राफेल डील पर SC के फैसले पर दसॉ ने कहा- एविएशन ‘मेक इन इंडिया को स्थापित करने के लिए समर्पित’

publiclive.co.in[Edited by Ranjeet]
फ्रांस के साथ हुए राफेल फाइटर जेट सौदे के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. राफेल मामले में फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘राफेल मामले में किसी तरह की जांच की कोई जरूरत नहीं है.’ वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दसॉ एविएशन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ‘दसॉ एविएशन सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता है. एविएशन प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ को भारत में स्थापित करने के लिए समर्पित है. एक पूर्ण आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क द्वारा दसॉल्ट एविएशन सफल उत्पादन सुनिश्चित करेगा.’

बता दें शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील मामले में मोदी सरकार के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए क्लीन चिट दे दी है. जिस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि ‘वह यह साबित करके रहेंगे कि इस डील में चोरी हुई है. केंद्रीय सरकार को यह बताना होगा कि कैग कि रिपोर्ट कहां है और उसके बाद रिपोर्ट PAC चेयरमैन मल्लिकार्जुन खड़गे को दिखाना होगा. वहीं उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार शायद एक अलग PAC समानांतर चला रही है, शायद एक अलग संसद में, शायद फ्रांस की संसद में. यह संभव है कि मोदी जी ने PMO में अपना स्वयं का PAC गठित किया हो.”

वहीं राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, राहुल गांधी हमसे कई सवाल करते हैं, लेकिन मैं उनसे सिर्फ एक सवाल करना चाहता हूं कि 2006 से 2011 तक आप सत्‍ता में थे. उस समय सबसे कम टेंडर थे. तब आपने इस डील को फाइनल क्‍यों नहीं किया. तब आपको कौन रोक रहा था.

वहीं राफेल सौदे में विवादास्पद ढंग से 36 विमानों की खरीद के संबंध में अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग कर रहे याचिकाकर्ता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अत्यंत दुखद और हैरत भरा बताया, मगर कहा कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे में सरकार को ‘क्लीनचिट’ दे दी है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार जैसे मसलों पर आश्चर्यजनक ढंग से अपनी ही न्यायिक समीक्षा के दायरे को छोटा कर लिया. मोदी सरकार इस सौदे में भ्रष्टाचार के जिन आरोपों के संतोषजनक जवाब भी नहीं दे पा रही थी, उनकी अगर स्वतंत्र जांच भी न हो तो देशवासियों के कई संदेहों पर से पर्दा नहीं हटेगा.

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