‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर विवाद, अनुपम खेर बोले- फिल्म देखकर तय नहीं होते लोगों के वोट

publiclive.co.in[Edited by Ranjeet]
कि मेरा मानना है कि लोग फिल्म देखकर यह तय नहीं करते कि किसको वोट देना है. भारतीय वोटर्स बहुत समझदार हैं तभी देश में आश्चर्यजनक नतीजे सामने आते हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का किरदार निभा रहे एक्टर ने डीएनए इंटरव्यू में कहा, ”मैंने अपने 35 साल के फिल्मी करियर में 515 फिल्मों में काम किया है, मगर इस फिल्म में पूर्व मनमोहन सिंह का किरदार निभाना मेरे लिए काफी मुश्किल था.” इसकी वजह बताते हुए खेर ने कहा कि मनमोहन सिंह पुरानी दुनिया के नेता नहीं थे बल्कि वे आधुनिक दौर के नेता थे और बच्चा-बच्चा उनकी भाव-भंगिमाओं को जानता है. इस वजह से उनकी हूबहू एक्टिंग कर पाना मुझे अब तक का सबसे कठिन काम लगा.

फिल्म से पहले होमवर्क
इसके लिए कम से कम मैंने 80 से 100 घंटों के वीडियो यूट्यूब से लेकर कई चैनल्स पर देखे और उनके ऊपर रिसर्च की. पूर्व पीएम के बारे में यह धारणा गलत है कि वह मौन रहते थे जबकि सच देखा जाए तो उन्होंने कई प्लेटफॉर्स पर समय-समय पर अपनी बात रखी. हालांकि 2009 के बाद कुछ कारणों से उदास रहने के कारण उन्होंने चुप्पी धारण कर ली थी.

फिल्म के बाद बने प्रशंसक
क्या अनुपम खेर व्यक्तिगत तौर पर डॉ. मनमोहन सिंह के प्रशंसक हैं ? इसके जवाब में खेर ने कहा कि मैं पहले नहीं था, पर ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म के बाद उनका प्रशंसक बन गया. एक सवाल के जवाब में एक्टर ने कहा कि अगर मनमोहन सिंह लोगों से न झिझके तो फिल्म देखकर वह मुझे गले जरूर लगाएंगे.

कांग्रेस ने भी उठाया फायदा
‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म में अहम किरदार निभा रहे एक्टर ने आगे कहा कि कुछ पार्टियां फिल्मों का राजनीतिक फायदा उठाना चाहती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि कांग्रेस नेताओं ने कभी किसी फिल्म को प्रमोट नहीं किया हो. उन्होंने ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह कांग्रेस ने इसका प्रमोशन किया. बता दें कि अनुराग कश्यप की यह फिल्म पंजाब में बढ़ते नशे की समस्या पर आधारित थी. जो कि विधानसभा चुनावों के नजदीक रिलीज हुई थी.

फिल्म नहीं करना चाहता था
अनुपम ने कहा, ”डेढ़ साल पहले मैंने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ कहानी सुनी थी मगर मेरा पहला रिएक्शन था कि मैं ये फिल्म न करूं. फिर एक दिन टीवी पर मैंने मनमोहन सिंह को चलते हुए देखा था फिर मैंने कहानी को पढ़ा. फिर मुझे लगा कि यह फिल्म करनी चाहिए.

फिल्म ऑस्कर में जानी चाहिए
खेर ने कहा, ”मेरे टीचर कहा करते थे कि जब तक कठिन काम नहीं करोगे तो सफलता कैसे मिलेगी? हमने फिल्म बनाकर सेसर बोर्ड को दिखाई. ये संजय बारू की किताब पर आधारित फिल्म है. हमने फिल्म में बड़ी मेहनत की है. मैंने 6 महीने इस फिल्म पर रिसर्च की है. यह फिल्म मेरे कैरेक्टर की बेस्ट फिल्म है. ये फिल्म ऑस्कर में जानी चाहिए. मगर आज इस फिल्म को लेकर विवाद चल रहा है कि इसे को रोक देना चाहिए. 25 साल बाद जब फिल्मों का इतिहास लिखा जायेगा तो इस फिल्म का भी नाम आयेगा. मगर इस फिल्म पर राजनीति की जा रही है.”

कांग्रेस की धमकी पर बोले
इस फिल्म में सिंह का किरदार निभाने वाले एक्टर ने फिल्म को रिलीज होने से रोकने की ‘महाराष्ट्र युवा कांग्रेस’ की धमकी पर भी यह कहते हुए चुटकी ली कि उसे तो खुश होना चाहिए कि उनके नेता पर फिल्म बनाई गई है. महाराष्ट्र युवा कांग्रेस ने का है कि जबतक यह फिल्म उसे नहीं दिखायी जाएगी, तबतक वह उसे रिलीज नहीं होने देगी. खेर ने ट्वीट किया, ‘‘मैं पीछे नहीं हटने जा रहा हूं. यह मेरे जीवन का शानदार काम है. डॉ. मनमोहन सिंह इस फिल्म को देखने के बाद सहमत होंगे कि यह शत प्रतिशत निरुपण है.’’

इस फिल्म का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज किया गया. यह फिल्म 2004-2008 तक सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारु की इसी नाम की पुस्तक पर आधारित है. उसमें सिंह को 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले सिंह को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के शिकार के रुप में दिखाया गया है.

‘प्रोपेगैंडा फिल्म’ करार दिया
फिल्म के ट्रेलर पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उसने इसे ‘प्रोपेगैंडा फिल्म’ करार दिया है. पार्टी की महाराष्ट्र युवा शाखा ने फिल्म के निर्माताओं से उसके लिए विशेष स्क्रीनिंग कराने की मांग की है.

कांग्रेस को खुश होना चाहिए
खेर ने टेलीविजन चैनलों से कहा, ‘‘उन्हें तो खुश होना चाहिए कि उनके नेता पर फिल्म बनी है. उन्हें तो यह फिल्म देखने के वास्ते भीड़ लानी चाहिए क्योंकि उसमें ‘क्या मैं देश बेच दूंगा’ जैसे संवाद हैं?’ जो दर्शाता है कि मनमोहन सिंह कितने महान हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जितना ही ज्यादा वे विरोध करेंगे, उतना ही ज्यादा वे इस फिल्म का प्रचार करेंगे. यह पुस्तक 2014 से ही सभी के सामने है लेकिन तब से कोई विरोध नहीं किया गया. यह फिल्म उसी पर आधारित है.’’

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
खेर ने यह भी जिक्र किया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार है. राहुल गांधी ने नेटफ्लिक्स सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ में अपने पिता दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी की व्याख्या करने के लिए इस्तेमाल की गयी भाषा पर पार्टी के नेता द्वारा आपत्ति जताये जाने पर ऐसा कहा था. खेर ने कहा कि मैंने राहुल गांधीजी का ट्वीट पढ़ा था जहां उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा की बात कही थी. इसलिए मैं सोचता हूं कि उन्हें उन लोगों को डांटना चाहिए और कहना चाहिए कि वे गलत कर रहे हैं.’’

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