सपा-बसपा की साझा प्रेस कांफ्रेंस, ‘PM मोदी को वाराणसी छोड़कर जाना पड़ेगा’

publiclive.co.in[Edited by Ranjeet]
समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने सोमवार को साझा प्रेस कांफ्रेंस करके आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है. सपा महासचिव रामगोपाल यादव और बीएसपी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने साझा प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हालात जैसे बन रहे हैं उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाराणसी सीट छोड़नी पड़ेगी. बीएसपी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले सीबीआई के जरिए हमें परेशान कर रही है, लेकिन जनता इनकी हरकतों को समझ चुकी है.

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के सदस्यों के निजी सचिव स्टिंग ऑपरेशन में घूस लेते पकड़े गए हैं. निजी सचिव खनन मामले में घूस लेते पकड़े गए हैं. ऐसे में सोच सकते हैं कि क्या बिना मंत्री की सहमति के कोई निजी सचिव घूस ले सकता है क्या. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में न कानून व्यवस्था है न महिला सुरक्षित है. हमीरपुर में जो हुआ उसके लिए सीएम योगी जिम्मेदार हैं.

रामगोपाल यादव ने कहा कि बीएसपी और सपा के मिलने के खबरों से पहले ही सरकार ने सीबीआई रूपी तोते के साथ बीजेपी ने गठबंधन कर लिया है, पर वे नहीं जानते पासा उल्टा पड़ेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बनारस छोड़कर दूसरे जगह से चुनाव लड़ना पड़ेगा. मैं कहना चाहता हूं सरकार बाज आए. ये सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है.

उन्होंने कहा कि अखिलेश ने कानून बनाए, यूपी का एक मंत्री दिल्ली में पीसी करता है और इससे क्या प्रतीत होता है. केंद्र के इशारे पर सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बनारस छोड़कर कहीं और से लड़ना पड़ेगा. एसपी और सहयोगी दल अगर सड़कों पर उतरेंगे को इनका काम करना मुश्किल हो जाएगा. सीबीआई को लगातार दुरुपयोग होता जा रहा है.

रामगोपाल यादव ने कहा कि एक तरफ अधिकारी के उपर FIR है. अगर उल्लंघन हुआ है तो सरकार के आदेशों का हुआ है तो मुख्यमंत्री कहां से दोषी है. स्टिंग ऑपरेशन का जिक्र करते हुए सपा महासचिव ने कहा अभी देखा आपने मंत्रियों के सचिव घूस लेन देने का काम कर रहे हैं. मंत्री के हाथ के नीचे हो रहा है. उनको नया गठबंधन दिख रहा है. नया गठबंधन सीबीआई है. खिचड़ी पका रहे हैं, राम मंदिर नहीं बना पा रहे हैं तो राम की मूर्ति बना रहे हैं. हताशा दिख रहा है. हमारी जरा सी मुलाकात के बाद इनकी ये हालत है तो आगे क्या होगा देखते जाइए.

मालूम हो कि आगामी लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा, आरएलडी और अन्य छोटे दल मिलकर उतरेंगे. सूत्रों का कहना है कि सपा और बसपा 37-37 सीटों पर लड़ेगी. अमेठी और रायबरेली सीट पर प्रत्याशी नहीं उतारे जाएंगे. इसके बाद बाकी बची सीटें अन्य सहयोगियों को दी जाएगी.

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