Ericsson की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का अनिल अंबानी को नोटिस

publiclive.co.in[Edited by Ranjeet]
स्वीडन की टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन (Ericsson) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को नोटिस जारी किया है. दरअसल एरिक्सन इंडिया का रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) पर 550 करोड़ रुपये बकाया है. यह राशि नहीं मिलने पर एरिक्सन ने अनिल अंबानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की याचिका दाखिल की है. हालांकि इस मामले में रिलांयस ने एरिक्सन को देने के लिए 118 करोड़ कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा कराने का ऑफर भी दिया है. शीर्ष अदालत ने इस ऑफर को भी रिकार्ड पर लिया है.

15 दिसंबर तक का था समय
आपको बता दें कि रिलायंस कम्युनिकेशन पर एरिक्सन के 550 करोड़ रुपये बकाया हैं. अदालत की तरफ से आरकॉम को 15 दिसंबर तक एरिक्सन को यह रकम चुकाने के लिए कहा गया था. लेकिन, रिलायंस की तरफ से भुगतान नहीं हो पाया. इस पर एरिक्सन का कहना है कि यह अदालत की अवमानना है. इससे पहले एरिक्सन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दी गई याचिका में कहा गया था कि अनिल अंबानी को देश छोड़ने से रोका जाए. एरिक्सन ने कहा था कि आरकॉम वादे के अनुसार बकाया राशि नहीं चुका रही है. ऐसे में कंपनी के चेयरमैन अनिल अंबानी और दो अन्य अधिकारियों के देश से बाहर जाने पर रोक लगाई जाए.

दूसरी तरफ मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने बताया कि अनिल अंबानी के आरकॉम की पुरानी देनदारियों के कारण उसका अधिग्रहण कर पाना मुश्किल है. अदालत ने आरकॉम और जियो से मिलकर समाधान ढूंढने के लिए कहा है.

यह है पूरा मामला
एरिक्सन ने पिछले दिनों कहा था कि रिलायंस कम्युनिकेशन ने 30 सितंबर तक बकाया 550 करोड़ देने का वादा किया था. इसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस को बकाया भुगतान के लिए 15 दिसंबर तक का समय दिया था. आरकॉम की तरफ से पहले कहा गया था कि स्पेक्ट्रम की बिक्री से मिलने वाली राशि से एरिक्सन को भुगतान कर दिया जाएगा. चूंकि बिक्री अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए कंपनी भुगतान नहीं कर पा रही है.

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