लोकसभा चुनाव के पहले बढ़ सकती है मुकुल रॉय की जिम्मेदारी! बीजेपी ने दिए संकेत

publiclive.co.in[Edited by Ranjeet]
दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए बीजेपी के राष्‍ट्रीय अधिवेशन में पश्चिम बंगाल के उभरते चेहरे के रूप में मंच पर मुकुल रॉय दिखे थे. एक समय तृणमूल के कद्दावर नेता माने जाने वाले मुकुल रॉय को अचानक से मंच पर देख राज्य बीजेपी के नेता भी चौंक उठे. इतना ही नहीं अगर बीजेपी सूत्रों की मानें तो 19 जनवरी को कोलकाता में होने वाले ब्रिगेड सभा के दिन ही जवाब देने वाले हैं मुकुल रॉय.

इस अधिवेशन में पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष और राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा के होने के बावजूद मुकुल रॉय को ही क्यों मंच पर अपना वक्तव्य रखने के लिए बुलाया गया? ये एक सवाल राजनेताओं और जनता के मन में जरूर उठा होगा. कहीं ये किसी ओर इशारा तो नहीं कर रहे हैं? कहीं पश्चिम बंगाल बीजेपी में कुछ हलचल तो नहीं होने वाली? ये तो आने वाला समय ही बताएगा. 2018 के नवम्बर के महीने में मुकुल रॉय ने बीजेपी में अपना नाम दर्ज करवाया था.

पश्चिम बंगाल की वर्तमान हालत को मुकुल ने व्यक्त किया और तृणमूल कांग्रेस को अपने निशाने पर लिया. मुकुल के भाषण में पश्चिम बंगाल में हो रहे हिंसा की राजनीती का उल्लेख था. अब सबसे बड़ा सवाल यही आ रहा है कि कहीं मुकुल रॉय की जिम्‍मेदारी बढ़ाई तो नहीं जा रही है? कहीं पश्चिम बंगाल बीजेपी में उनको सर्वोच्च पद पर तो नहीं विराजमान होने जा रहे हैं एक समय पर रहे तृणमूल के चाणक्य? राज्य में लोकसभा वोट की जिम्मेदारी मुकुल रॉय पर है.

2019 के लोकसभा निर्वाचन परिचालन के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसके चेयरमैन मुकुल रॉय हैं. लेकिन ये भी ध्यान रखना होगा की मुकुल रॉय बीजेपी में किसी भी पद पर नहीं है. इसीलिए इस अधिवेशन में मुकुल रॉय को वक्त के रूप में देख राज्य बीजेपी के सदस्य अचंभित हैं. खबर ये भी है कि ममता बनर्जी के ब्रिगेड रैली के दिन ही मुकुल कुछ करने जा रहे हैं.

19 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस कोलकाता में ब्रिगेड समावेश करने जा रही है. लोकसभा चुनाव के ठीक पहले इस ब्रिगेड सभा में देशभर से विरोधी नेता अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे. ममता बनर्जी इसमें पीएम मोदी विरोधी गठबंधन को और भी मजबूत तरीके से पेश करेंगी.लेकिन ममता बनर्जी के इस प्रचार की रौशनी को मुकुल रॉय छीनने में कोई कसार नहीं छोड़ना चाहते. उसी दिन यानी 19 जनवरी को मुकुल रॉय तृणमूल को तोड़ने की कोशिश करेंगे.

सुनने में आ रहा है कि उस दिन तृणमूल के कुछ नेता बीजेपी में योगदान देने जा रहे हैं. लेकिन कौन-कौन लोग शामिल होंगे इस बात पर मुकुल बिलकुल चुप्पी साधे हैं. अभी कुछ ही दिन पहले तृणमूल पार्टी के नेता ओर बिष्णुपुर सांसद सौमेन मित्रा ने तृणमूल छोड़ बीजेपी में शामिल हुए हैं. उसी दिन तृणमूल के ही एक और सांसद अनुपम हाजरा को भी निलंबित कर दिया था. मुकुल रॉय के करीबी सूत्रों से मालूम चला है कि कुछ और तृणमूल के नेता बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं.

इसी संबंध में आज यानी रविवार को अमित शाह राज्य के नेताओं के साथ बैठक भी करने जा रहे हैं और रूट मैप तैयार किया जाएगा. शुक्रवार को ही अमित शाह ने ऐलान कर दिया था कि बंगाल में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है. दिल्ली में बीजेपी सूत्रों के मुताबिक ओडिशा ओर पश्चिम बंगाल में बीजेपी अपना झंडा लहराने वाली है. अब पश्चिम बंगाल में तृणमूल पर दबाव डालना चाह रही है. बीजेपी और कमर बांध के मैदान में उतरने जा रही है.

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