फारूक अब्दुल्ला का दावा- इमरान के दूत की वजह से टला भारत-पाक में युद्ध का खतरा

publiclive.co.in[Edited by Arti parihar]
पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में एक बार फिर तल्खी आई है. हालांकि, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला का मानना है कि दोनों देशों के बीच जो युद्ध का माहौल बना हुआ था उसमें अब कमी आई है. फारूक ने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के सलाहकार ने जो पीएम मोदी और सुषमा स्वराज से बात की है, वह अच्छा संदेश है.

सोमवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ मुझे खुशी है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने सलाहकार को भेजा था, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी से बात की है. हमें उम्मीद है कि जो जंग का माहौल बन रहा था उसमें कुछ कमी आई है.’’

आपको बता दें कि पाकिस्तान में सत्ताधारी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) यानी इमरान खान के सांसद रमेश कुमार वनक्वानी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की थी.

मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘’भारत में मेरा गर्मजोशी से स्वागत हुआ, इसके लिए भारत सरकार का धन्यवाद. मैं वीके सिंह जी, प्रधानमंत्री मोदी से मिला और सुषमा जी के साथ वार्ता की. मैंने आश्वस्त किया कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं है. हमें सकारात्मक दिशा की ओर बढ़ना चाहिए, हम अमन चाहते हैं.’’

आपको बता दें कि रमेश कुमार वनक्वानी भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के साथ प्रयागराज में जारी कुंभ मेले में शिरकत करने आए थे. इसी प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी.

दोनों देशों में जारी है तनाव

गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तानी परस्त आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था. हमले के बाद पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने अपने बयान में कहा था कि भारत द्वारा पाकिस्तान पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने ये भी कहा था कि अगर भारत सबूत देता है तो वह किसी भी तरह की जांच करने के लिए तैयार हैं.

वहीं, भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़े शब्दों में पाकिस्तान को चेताया था. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री खुद को पठान का बच्चा कहते हैं तो अपनी जुबान पर कायम रहे और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ें.

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