अब इन एयरपोर्ट्स पर भी होगा CISF का पहरा, देश के 65 एयरपोर्ट पर होगी इस बल की सुरक्षा

Publiclive.co.in[Edited by Akash Singh] एयरपोर्ट की सुरक्षा व्‍यवस्‍था को एकीकृत करने के मकसद से देश के सभी एयरपोर्ट को चरणवद्ध तरीके से सीआईएसएफ के पहरे में लाया जा रहा है. इसी कवायद के तहत गृह मंत्रालय और विमानन मंत्रालय ने चार अन्‍य एयरपोर्ट की सुरक्षा व्‍यवस्‍था सीआईएसएफ के हवाले करने का फैसला किया है. जिन एयरपोर्ट की सुरक्षा व्‍यवस्‍था सीआईएसएफ को सौंपी जाएगी, उनमें जबलपुर एयरपोर्ट (मध्य प्रदेश), जामनगर एयरपोर्ट (गुजरात), गगन प्रोजेक्ट बैंगलौर (कर्नाटक) और विजयवाडा एयरपोर्ट (आंध्र प्रदेश) शामिल हैं.

सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन के अनुसार, 2019 में कुल 15 इका‍इयों में सीआईएसएफ की तैनाती प्रस्‍तावित हैं. जिसमें ये 4 एयरपोर्ट भी शामिल हैं. वर्तमान समय में सीआईएसएफ देश के 61 एयरपोर्ट की सुरक्षा व्‍यवस्‍था संभाल रही है. जिसमें मुंबई के सीएसआई एयरपोर्ट के होटल टर्मिनल 1सी, शिरडी एयरपोर्ट और कन्नूर एयरपोर्ट के सुरक्षा की जिम्‍मेदारी सीआईएसएफ को 2018 में सौंपी गई थी. उन्‍होंने बताया कि जल्‍द की प्रस्‍तावित चारों एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के तैनाती की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा.

सीआईएसफ के पास होगी इन सरकारी उपक्रमों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था
महानिदेशक राजेश रंजन ने बताया कि 11 अन्‍य सरकारी उपक्रमों में भी सीआईएसएफ की तैनाती 2019 में प्रस्‍तावित है. इन उपक्रमों में गुजरात के हजीरा, तमिलनाडु के तुतीकोरिन और गुजरात के बड़ौदा में स्थित हैवी वाटर प्लांट भी शामिल हैं. इसके अलावा, कोलकाता स्थित इंडियन म्यूजियम, विशाखापत्तनम स्थित भारत डायनामिक लिमिटेड, पिपलकोटि (उत्‍तराखंड) स्थित विष्णुगढ़ पिपलकोटि हाईड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, हैदराबाद स्थित सिक्यूरिटी प्रिंटिंग प्रेस को भी सीआईएसएफ के जद में लाने का प्रस्‍ताव है.

1.56 लाख सीआईएसएफ कर्मियों के हवाले 345 प्रतिष्‍ठान
महानिदेशक राजेश रंजन ने बताया कि विगत 50 वर्षों में सीआईएसएफ की विश्वसनीयता एवं पेशेवर दक्षता में गुणात्मक वृद्धि हुई है. मौजूद समय में सीआईएसएफ 1,56,000 की संख्या के साथ देश के 345 विभिन्न महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है. सीआईएसएफ के सुरक्षा कवच में 61 एयरपोर्ट्स के साथ परमाणु एवं अंतरिक्ष संस्थान, समुद्री बंदरगाह, बिजली उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र, इस्पात, कोयला, अन्य खनन के क्षेत्र एवं तेल के प्रतिष्ठान, दिल्ली मेट्रो, सरकारी भवनों, संग्रहालयों, ऐतिहासिक विरासत के स्मारक शामिल हैं.

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