अब मांझी ने मसूद अजहर को कहा ‘साहब’, बोले- ‘इत्तेफाक से अभी घोषित हो गए आतंकी’

publiclive.co.in[Edited by Divya Sachan]
आतंकी मसूद अजहर के ग्लोबल टेररिस्ट घोषित होने के बाद से पूरे देश में पक्ष और विपक्ष आमने सामने दिख रहे हैं. जहां एनडीए इसे सरकार की कूटनीति जीत बता रही है. वहीं, विपक्ष का कहना है कि यह केवल देश की जीत हैं लेकिन एनडीए चुनावी मुद्दा बना रही है. वहीं, हम पार्टी के प्रमुख जीतनराम मांझी मसूद अजहर को ‘साहब’ कह कर मुसीबत मोल ली है. साथ ही उन्होंने कहा है कि यह काम पहले से हो रहा था, लेकिन इत्तेफाक से इस पर फैसला अभी आया है.

जीतनराम मांझी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मसूद अजहर ‘साहब’ को पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के समय से ही आतंकी घोषित करने का प्रयास किया जा रहा था. और दवाब भी बनाया जा रहा था. यह इत्तेफाक है कि इस बार इस पर फैसला लिया गया है.
उन्होंने कहा कि इस पर भारत की बात पहले से चल रही थी यह उसी की देन हैं. इस पर अगर एनडीए या पीएम मोदी अपना श्रेय लेते हैं तो यह ठीक बात नहीं है. एनडीए अब इसकी ब्रैडिंग कर रही है. उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने वाले के बजाय फल तोड़ने वाले श्रेय लेंगे तो यह सही नहीं है.

हालांकि, अपने बातों के दौरान मांझी ने मसूद अजहर ‘साहब’ कह कर संबोधित करना उन्हें मुसीबत में डाल दिया है. अब इस पर फिर से सियासत तेज हो रही है. और एक बार फिर महागठबंधन मसूद अजहर को ‘साहब’ कह कर संबोधित कहने वाले पचड़े में फंस गई है.

इससे पहले भी किशनगंज में आरजेडी विधायक हाजी सुभान ने भी मसूद अजहर को ‘साहब’ कहकर संबोधित किया था. उन्होंने कहा था कि, ‘इंटरनेशनल आतंकवादी घोषित करने के लिए मसूद अजहर ‘साहब’ को चीन ने वीटो लगाया. अभी तक कोई बता सकता है कि पीएम मोदी चाइना के खिलाफ क्यों नहीं बोल रहे हैं.

विधायक हाजी सुभान के इस बयान के बाद देश भर में इस पर सियासत शुरू हो गई थी. बताया जा रहा था कि जिस वक्त विधायक ने यह बयान दिया था उस वक्त तेजस्वी यादव भी वहीं मंच पर मौजूद थे. अब एक बार फिर मांझी ने मसूद अजहर को ‘साहब’ बता दिया है.

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