बैनर लगाकर नक्सलियों ने ली गढ़चिरौली हमले की जिम्मेदारी, सड़क निर्माण का किया विरोध

publiclive.coin[Edited by Arti singh]
मुम्बई : महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में लैंड माइंस विस्फोट के बाद दादापूर गांव में नक्सलियों ने बैनर लगाए हैं. बैनर में हमले की जिम्मेदारी लेते हुए उस इलाके में सड़क निर्माण में लगी कंपनियों और ठेकेदारों को धमकी भी दी गई है. नक्सलियों ने मंगलवार की रात कंस्ट्रक्शन कंपनी की लगभग 50 गाड़ियों को जलाने की जिम्मेदारी ली है. इसे नक्सली कमांडर रामको नरोटी और अन्य महिला नक्सलियों की हत्या का विरोध बताया गया है. साथ ही अन्य नक्सलियों को भी विरोध करने का आह्वान बैनर के जरिए किया गया है.

नक्सलियों ने यहां दो बैनर लगाए हैं. दूसरे में पुल और सड़क निर्माण का विरोध किया गया है. साथ ही कहा गया है कि सरकार पूंजीपतियों की कठपुतली बन गई है. नक्सलियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विरोध करने का आह्वान किया है.

नक्सलियों ने जिस गांव में बैनर लगाए हैं, वह हमले की जगह से 10 किलोमीटर की दूरी पर है. यहां अब पुलिस ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है. महाराष्ट्र के पुलिस महासंचालक सुबोध जयसवाल ने घटनास्थल पर जाकर मुआयना किया है.

ज्ञात हो कि बुधवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक बड़ा नक्सली हमला हुआ था. इस हमले में महाराष्ट्र पुलिस के 15 जवान शहीद हो गए. जवानों को ले जा रही गाड़ी का ड्राइवर भी मारा गया. नक्सलियों ने आईडी ब्लास्ट कर पेट्रोलिंग के लिए जा रही गाड़ी को उड़ा दिया है. ये सभी जवान नक्सल विरोधी सी-60 ग्रुप के सदस्य थे.

इससे एक दिन पहले महाराष्ट्र के इसी हिस्से में नक्सलियों ने रात के 11 से 3 बजे के बीच अग्निकांड को अंजाम दिया था. इस इलाके में सड़कों की मरम्मत और नए रास्ते बनाने का काम चल रहा था. इसके लिए जेसीबी और सीमेंट से लदे ट्रक रास्ते में खड़े थे. स्थानीय पुलिस ने बताया था कि यह नक्सली प्रभावित इलाका है. जब काम शुरू हुआ तब कोई भी विरोध नही हुआ था. अचानक बीती रात नक्सलियों नें एक-एक कर 50 से भी जादा गाड़ियां फूंक दी.

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