VVPAT पर पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, 21 विपक्षी पार्टियों को लगा दोबारा झटका

publiclive.co.in[Edited by Arti singh]
EVM का 50% vvpat से मिलान कराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व आदेश में बदलाव करने से इनकार कर दिया है. इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपीएटी के मिलान की संख्या बढ़ाने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने इसके साथ ही टिप्‍पणी करते हुए कहा कि एक ही मामले को कितनी बार सुनें? कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश में 50% की मांग को खारिज करते हुए प्रत्येक असेंबली (Constituency) से 1 की जगह 5 वीवीपीएटी (vvpat) के मिलान का आदेश दिया था.

इसके खिलाफ 21 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने उसी मामले में मंगलवार को अपने पुराने रुख को बरकरार रखते हुए फैसला सुनाया. हालांकि आज सुनवाई के दौरान प्रमुख विपक्षी नेता चंद्रबाबू नायडू, फारुख अब्दुल्ला, डी राजा और अहमद पटेल कोर्ट पहुंचे.

दरअसल 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हर विधानसभा में एक EVM के VVPAT से मिलान को बढ़ाकर 5 कर दिया था लेकिन विपक्षी पार्टियों ने मिलान को 50 फीसदी करने की मांग दोहराई थी.पक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू, अखिलेश यादव, के सी वेणुगोपाल, शरद पवार, अरविंद केजरीवाल, सतीश चंद्र मिश्रसमेत विपक्ष के 21 नेताओं ने याचिकादायर की थी.इस याचिका में EVM के ज़रिए होने वाले चुनाव में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए 50 फीसदी तक VVPAT पर्चियों के EVM से मिलान की मांग की गई थी.

इससे पहले मध्यप्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था.सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता कमलनाथ और सचिन पायलट की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें दोनों कांग्रेस नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को पारदर्शिता बनाने को लेकर याचिका दायर की थी. याचिका में यह भी मांग की गई थी कि वोटर लिस्ट की जानकारी चुनाव आयोग कांग्रेस को टेक्स्ट मोड में दें.याचिका में दस फ़ीसद मतों को वीवीपैट से मिलान कराने की भी मांग की गई थी. इसके अलावा मतदाता सूची में बड़ी संख्या मे फ़र्ज़ी मतदाता होने की बात कही गई थी.

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में हुए विधानसभा चुनाव से लेकर उपचुनाव में EVM में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी.कई राजनीतिक पार्टियों ने EVM में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए, चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मागं की थी.कई पार्टियों ने तो सदन के अंदर तक EVM को किस तरह हैक किया जा सकता है उसका डैमो दिखाने की भी कोशिश की थी.वहीं, इन बातों को चुनाव आयोग ने गलत ठहराया था. चुनाव आयोग का साफ कहना था कि हर चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुआ और आगे भी होगा और EVM में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं है और ना ही उसे हैक किया जा सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help