ITC के चेयरमैन वाईसी देवेश्वर का निधन, कंपनी को शिखर पर पहुंचाने में अहम भूमिका

publiclive.co.in[Edited by DIVYA SACHAN]
नई दिल्ली : जाने माने उद्योगपति असैा आईटीसी कंपनी के चेयरमैन वाईसी देवेश्वर का शनिवार की सुबह निधन हो गया. देवेश्वर (72) को सिगरेट बनाने वाली कंपनी आईटीसी को एफएमसीजी, हॉस्पिटलिटी, आईटी समेत विभिन्न क्षेत्रों की अग्रणी कंपनी बनाने का श्रेय दिया जाता है. उन्होंने 2017 में कंपनी के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद छोड़ा था. हालांकि, वह अभी भी गैर-कार्यकारी चेयरमैन बने हुए थे. आईटीसी के प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने एक बयान में कहा, ‘आईटीसी के चेयरमैन वाईसी देवेश्वर के निधन पर हम गहरा दुख व्यक्त करते हैं.’

परिवार में पत्नी के अलावा बेटा और बेटी
पुरी ने कहा कि देवेश्वर ने पूरे उत्साह से टिकाउ व समावेशी विकास को आगे बढ़ाया. वृहतर सामाजिक मूल्य तैयार करने में अग्रणी भूमिका की वकालत की. इसी दृष्टिकोण ने आईटीसी को कारोबार के उस तरीके पर अग्रसर किया जो आज 60 लाख से अधिक लोगों के जीवनयापन में सहायक बना हुआ है. उनके पीछे परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटा और बेटी हैं. देवेश्वर 1968 में आईटीसी से जुड़े थे और 11 अप्रैल 1984 को निदेशक मंडल में निदेशक बनाये गये थे. वह एक जनवरी 1996 को कंपनी के मुख्य कार्यकारी एवं चेयरमैन बने.

लंबे समय तक बने रहे कार्यकारी अधिकारी
वह देश की किसी भी कंपनी में सबसे लंबे समय तक कार्यकारी अधिकारी बने रहने वाले उद्योगपतियों में से एक हैं. जब 1990 के दशक के मध्य में वह कंपनी का कार्यभार संभाल रहे थे तब आईटीसी का राजस्व 5,200 करोड़ रुपये से कम था और कर पूर्व मुनाफा 452 करोड़ रुपये था. वित्त वर्ष 2017-18 में कंपनी का राजस्व 44,329.77 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 11,223.25 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. पुरी ने कहा, ‘उनके नेतृत्व ने आईटीसी को एफएमसीजी, होटल, पेपरबोर्ड एवं पेपर, पैकेजिंग, कृषि कारोबार आदि में अग्रणी भूमिका के साथ शानदार पोर्टफोलियो वाली विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली कंपनी बना दिया.’

आईआईटी दिल्ली से की थी पढ़ाई
देवेश्वर ने आईआईटी दिल्ली और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से पढ़ाई की थी. वह 1991 से 1994 के बीच एयर इंडिया के भी चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रहे. आईटीसी कंपनी में जब अगली पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करने के लिये 2017 में कार्यकारी चेयरमैन पद को चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी में बांट दिया गया तब देवेश्वर गैर-कार्यकारी चेयरमैन बने रहे और संजीव पुरी की अगुवाई वाले कार्यकारी प्रबंधन के मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहे.

पद्मभूषण से भी सम्मानित किया गया
देवेश्वर को 2011 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था. वह रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड के निदेशक, नेशनल फाउंडेशन फोर कॉरपोरेट गवर्नेंस के सदस्य और नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लायड इकोनॉमिक रिसर्च की संचालन समिति के भी सदस्य रह चुके हैं.

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