टीम इंडिया के पूर्व कोच ने बताया, कितने सख्त वनडे कैप्टन थे कूल धोनी

publiclive.co.in[Edited by Arti singh]
आईसीसी क्रिकेट वनडे विश्व कप के शुरू होने में अब 15 दिन से भी कम का समय रह गया है. विराट कोहली की कप्तानी में जानी वाली टीम में पूर्व कप्तान एमएस धोनी की भूमिका पर भी चर्चाएं हो रही हैं. वहीं टीम इंडिया के मेंटल कनडिशिंग कोच रहे पैडी अप्टन ने धोनी के बारे में कुछ खास बातें बताई हैं. अप्टन ने कहा कि जब महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे टीम की कप्तानी ली थी तब वे इस बात को सुनिश्चित करते थे कि कोई भी अभ्यास के लिए देरी से न आए.

अपनी नई किताब ‘द बेयरफुट कोच’ के एक कार्यक्रम के मौके पर अप्टन ने बताया कि किस तरह उस समय के टेस्ट कप्तान अनिल कुंबले और वनडे कप्तान धोनी नए तरीके और विचार लेकर आए. उन्होंने कहा, “मैं जब भारतीय टीम के साथ जुड़ा तब अनिल कुंबले टेस्ट टीम और धोनी वनडे टीम के कप्तान थे. हमारी टीम में एक बहुत अच्छी स्वशासन की प्रक्रिया थी. हमने टीम से कहा था कि अभ्यास और टीम बैठक के लिए समय पर आना बेहद जरूरी है.”

उन्होंने कहा, “इसलिए हमने टीम से कहा कि अगर कोई खिलाड़ी देरी से आता है तो ऐसी क्या चीज है जो वो छोड़ सकता है? हमने आपस में यह बात की और खिलाड़ियों ने अंतत: इसे कप्तान के जिम्मे छोड़ दिया.” कुंबले ने कहा कि देर से आने वाले पर 10,000 रुपये जुर्माना लगेगा, लेकिन धोनी ने इससे भी बड़ी सजा बताई और कहा कि अगर कोई खिलाड़ी देरी से आता है तो पूरी टीम मिलकर 10,000 रुपये देगी.

अप्टन का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है. इसे उस परिपेक्ष्य से देखा जा रहा है जब अनिल कुंबले भारतीय क्रिकेट टीम के कोच थे और टीम के कई खिलाड़ी उनका विरोध कर रहे थे. उस समय बताया गया था कि खिलाड़ी अनिल कुंबले के सख्त व्यवहार से नाराज थे. इस विवाद के बाद कुंबले ने कोच पद छोड़ दिया था. इसके बाद रवि शास्त्री को टीम इंडिया का कोच बनाया गया था.

अप्टन ने कहा, “टेस्ट टीम में कुंबले ने कहा था कि देरी से आने पर 10,000 का जुर्माना होगा लेकिन जब हमने वनडे टीम के कप्तान धोनी से बात की तो उन्होंने कहा कि सजा मिलनी चाहिए इसलिए अगर कोई देरी से आता है तो टीम को 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा. वनडे टीम में कोई भी कभी भी देरी से नहीं आता था.”

दुनिया भर के दिग्गजों की तरह अप्टन भी धोनी के कूल नेचर के मुरीद हैं. धोनी का मैदान पर आपा खोना एक बहुत बड़़ी खबर बन जाता है. धोनी को कभी टीम इंडिाय की कप्तानी के दौरान अपना आपा खोते नहीं देखा गया. अप्टन ने धोनी के शांतचित्त रहने की तारीफ की और कहा, “उनकी असल क्षमता उनका शांत रहना है. मैच में कैसी भी स्थिति हो वह शांत रहते हैं.”

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