हमको गालियों का जवाब नहीं देना, गलियों का विकास करना है: PM मोदी का ममता को जवाब

publiclive.co.in[Edited by DIVYA SACHAN]
मिर्जापुर: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की सहयोगी अनुप्रिया पटेल के चुनाव प्रचार के सिलसिले में यहां आए पीएम मोदी ने खास बातचीत में कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 (lok sabha elections 2019) की खास बात यह है कि इस बार सत्‍ता विरोधी नहीं बल्कि प्रो-इंकैंबी लहर चल रही है.अपने पूर्वांचल फतह के प्‍लान के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में यहां के दो लड़के का प्रयोग विफल हो चुका है. लोग इनको नकार चुके हैं. अबकी बार सपा-बसपा ने महामिलावटी गठबंधन किया है. जनता उसको भी नकार देगी. ज्‍यादातर राजनेता, पार्टियां और पोलिटिकल पंडित जो अपने को निष्‍पक्ष कहते हैं, ये बीसवीं सदी की मानसिकता से प्रभावित हैं. इक्कीसवी सदी को ये समझने को तैयार नहीं है. 2019 में सबको अपनी थ्योरी बदलने के लिए उत्तर प्रदेश मजबूर कर देगा.

बंगाल की रैली
आज पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है. पीएम मोदी की आज वहां दो रैलियां हैं. वहां जाने से पहले इस संबंध में सवाल पूछने पर उन्‍होंने कहा कि ममता दीदी को मां, माटी और मानुष के सवाल का जवाब देना होगा. मेमे (memes) की घटना ने मां, माटी और मानुष की धज्जियां उड़ा दीं.

बंगाल के हिंसा पर पीएम मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडों के सामने अब वहां की जनता झुकने वाली नहीं है. वे लगातार चुनाव में हिंसा का सहारा ले रहे हैं लेकिन इसके बावजूद बंगाल की जनता अपना मन बना चुकी हैं. कोलकाता में ईश्‍वचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने पर पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह का टीएमसी हिंसा का सहारा ले रही है. अब चूंकि उनके पास कुछ करने और कहने को नहीं है, इसलिए हमारे खिलाफ गालियों का सहारा ले रहे हैं. लेकिन हमको गलियों का विकास करना है और हमारे पास इस तरह की गालियों का जवाब देने के लिए फुर्सत नहीं है.

पीएम मोदी ने कहा कि इस बार बीजेपी को कोई नारा नहीं देना पड़ा. विपक्ष ने इतना मोदी नाम का हौवा बनाया कि सोशल मीडिया पर खुद ही लोगों ने उनको जवाब दे दिया. आएगा तो मोदी ही जैसे ट्विटर ट्रेंड इसकी बानगी हैं.

दिल्ली में बैठे न्यूट्रल लोग भी मांग कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल में ईश्वरचंद जी की मूर्ति के साथ जो हुआ है, वहां सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देश के सामने प्रस्तुत करना चाहिए. आप दो चार दिन पहले घायल लोगों को खड़ा करके सहानुभूति का लाभ उठाने का प्रयास करेंगे तो नहीं होगा. अभी वहां पंचायत चुनाव हुए. जम्मू-कश्मीर में भी शांतिपूर्ण चुनाव हुए. बंगाल में अनेक लोगों को मार दिया गया ,पोलिंग बूथ जला दिए गए. उम्मीदवारों को नामांकन के लिए कोर्ट जाना पड़ा. चुनाव की तिथि घोषणा से पहले बीजेपी के लोगों का हेलीकाप्टर नहीं उतरने दिया. ये लोकतंत्र को रौंद कर चुनाव जीतना चाहते हैं.

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