महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सलियों ने दो महिला साथियों के पिछले महीने मुठभेड़ में मारे जाने के विरोध में 19 मई को ‘बंद’ का आह्वान किया है. गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के एक अधिकारी ने गुरुवार (16 मई) को बताया कि नक्सलियों ने बुधवार रात को गढ़चिरौली के इटापल्ली तहसील में कुछ गांवों में नक्सलियों ने बैनर लगाए, जिसमें उन्होंने ‘बंद’ का आह्वान किया है. बैनरों में नक्सलियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों द्वारा 27 अप्रैल को महिला कैडर रामको उर्फ कमला नरोटे और शिल्पा ध्रुव की हत्याएं उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है. अधिकारी ने कहा, कि नक्सलियों ने बैनरों में कहा कि मुठभेड़ की हत्याओं के खिलाफ विरोध के तौर पर 19 मई को गढ़चिरौली में ‘बंद’ होना चाहिए. लाइव टीवी देखें गढ़चिरौली के गुंदेरवाही जंगल में एक मुठभेड़ में दो महिला नक्सली मारी गई थी. मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस की नक्सल विरोधी इकाई सी-60 दल के कमांडो इलाके में मौजूद थे. पुलिस ने बताया कि रामको और ध्रुव पर क्रमश: 16 लाख और चार लाख रुपये का इनाम था.

publiclive.co.in[Edited by Arti singh]
अमेरिका ने 52 पाकिस्तानी प्रवासियों को स्वदेश भेज दिया है. ये प्रवासी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विशेष विमान से इस्लामाबाद पहुंचे. गुरुवार को मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गई. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मंगलवार को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की विदेश मामलों संबंधी स्थायी समिति को सूचित किया कि अमेरिकी अधिकारियों ने आव्रजन उल्लंघन, आपराधिक आचरण और अन्य गंभीर आरोपों के आधार पर पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया और मुकदमा चलाया.

‘डॉन’ अखबार ने आव्रजन सूत्रों के हवाले से खबर दी कि कि 53 पाकिस्तानी नागरिकों को स्वदेश आना था, लेकिन बुधवार को 52 नागरिक ही देश पहुंचे क्योंकि एक शख्स अमेरिकी हवाईअड्डा पर बीमार हो गया था, इसलिए उसे स्वदेश नहीं भेजा जा सका. पाकिस्तानी नागरिक जब इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरे तब अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी उनकी सुरक्षा कर रहे थे. विमान के उतरने के तुरंत बाद उन्होंने इन नागरिकों को पाकिस्तानी अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया.

खबर के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने वीजा की अवधि खत्म होने के बावजूद अमेरिका में रह रहे विदेशियों के खिलाफ हाल में मुहिम शुरू की है. ये 52 पाकिस्तानी वैसे विदेशी नागरिक थे जो अमेरिका में तय अवधि से अधिक समय से रह रहे थे.

कुरैशी ने यह भी पुष्टि की कि अमेरिका में रह रहे कई पाकिस्तानी नागरिकों को स्वदेश भेजने को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद के बाद अमेरिका ने तीन वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों को वीजा देने से इनकार कर दिया है. मंत्री ने मंगलवार को बताया कि अमेरिकी वीजा प्रतिबंधों का सामना कर रहे पाकिस्तानी अधिकारियों में एक अतिरिक्त सचिव, गृह मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव और पासपोर्ट महानिदेशक शामिल हैं.

इस बीच एक अलग विमान से यूनान से स्वदेश भेजे गये नौ पाकिस्तानी अवैध प्रवासियों को इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पहुंचने पर हिरासत में ले लिया गया तथा उन्हें एफआईए के मानव तस्करी रोधी प्रकोष्ठ में भेजा गया है.

एफआईए अधिकारी ने बताया कि यूनान से स्वदेश भेजे गये पाक नागरिकों को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए जेल में रखा गया है. वे भूमार्ग से यूरोप गये थे, जहां बाद में यूनानी अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था. उन्होंने बताया, चूंकि ये सभी पंजाब प्रांत के गुजरात जिले के रहने वाले हैं इसलिए उन्हें आगे की कानूनी कार्यवाही के लिये ‘‘एफआईए गुजरांवाला’’ भेजा जाएगा.

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