अमेठी: 15 दिन पहले हुआ था सुरेंद्र सिंह का विवाद, पुलिस इस एंगल से भी कर रही है जांच

publiclive.co.in[Edited by DIVYA SACHAN]
अमेठी में भाजपा सांसद स्मृति ईरानी के करीबी और बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड में नामजद आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस चुनावी रंजिश के साथ ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बीते दिनों किसी और से तो सुरेंद्र प्रताप सिंह का विवाद नहीं हुआ था.

सूत्रों के अनुसार, मृतक बीजेपी कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह का करीब 15 दिन पहले गांव के खड़ंजे को लेकर कुछ लोगों से विवाद हुआ था. इसके साथ ही गांव की जमीन को लेकर भी उसका विवाद चल रहा था. इन दोनों विवादों के बारे में पुलिस जानकारी हासिल करने की कोशिश कर जांच कर रही है.

एफआईआर में प्रधानी चुनाव और लोकसभा चुनाव दोनों में हुए विवाद का जिक्र किया गया है. इसपर भी पुलिस जांच कर रही है. मृतक के परिवार ने पांच नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है, जिसमें से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. वहीं, 7 अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी रामचंद्र कांग्रेस का समर्थक है और प्रधानी के चुनाव लड़ने की तैयारी में है.

सुरेन्द्र सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार को पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी. अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम ने बताया कि पीड़ित परिवार ने वसीम, नसीम, गोलू, धर्मनाथ और बीडीसी सदस्य (ब्लाक डेवलपमेंट कमेटी-क्षेत्र विकास समिति) रामचंद्र के खिलाफ सुरेन्द्र सिंह की हत्या के मामले में धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. रामचंद्र बीडीसी सदस्य एवं कांग्रेस नेता है.

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नसीम, वसीम और गोलू पर गोली मारने का आरोप है. प्रथमदृष्टया मामला लोकसभा चुनाव और पूर्व में पंचायत चुनाव के दौरान हुई रंजिश का होने की आशंका है .

आपतो बता दें कि रविवार को स्मृति ईरानी दोपहर बाद बरौलिया गांव पहुंचीं और सुरेन्द्र सिंह की अंतिम यात्रा में शामिल हुईं. स्मृति ने सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढाये. इस दौरान वह काफी भावुक हो गईं. स्मृति ने सिंह के पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया. इससे पहले वह सिंह के परिवार वालों से मिलीं और उन्हें ढांढस बंधाया.

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