एनसीएलटी ने जेट एयरवेज के खिलाफ बैंकों की दिवालिया अर्जी मंजूर की, तीन महीने में फैसला होगा

publiclive.news.in[edited by arti singh]
जेट एयरवेज के खिलाफ बैंकों की दिवालिया याचिका एनसीएलटी की लोकल बेंच ने मंजूर कर ली है। एसबीआई के नेतृत्व में 26 बैंकों के कंसोर्शियम ने मंगलवार को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में दिवालिया याचिका दाखिल की थी। ट्रिब्यूनल ने रिजोल्यूशन प्रोफेशनल्स को आदेश दिया कि 90 दिनों (तीन माह) के भीतर याचिका का निपटारा किया जाए।

बेंच के जजों वीपी सिंह और रवि कुमार ने इनसाल्वेंसी, बैंकरप्टसी कोड (आईबीसी ) की धारा 7 के तहत याचिका मंजूर की। बेंच का कहना था कि मामला राष्ट्रीय महत्व का है, इसलिए इसका निपटारा 90 दिनों के भीतर किया जाए। ट्रिब्यूनल के कानून के मुताबिक- आईबीसी की धारा 7 के तहत याचिका के निपटारे की डेडलाइन छह माह है। अगली सुनवाई 5 जुलाई को होगी।

जेट में हिस्सेदारी बेचने के लिए बिडिंग प्रक्रिया फेल होने की वजह से कर्जदाताओं ने सोमवार को दिवालिया प्रक्रिया में जाने का फैसला लिया था, ताकि कर्ज की वसूली कर सकें। जेट एयरवेज पर बैंकों का 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज है।

बैंकों के कर्ज के अलावा जेट एयरवेज पर सैंकड़ों वेंडर्स, एयरक्राफ्ट लीजदाताओं के 10,000 करोड़ रुपए और कर्मचारियों के वेतन के 3,000 करोड़ बकाया हैं। एयरलाइन के करीब 23,000 कर्मचारियों को मार्च से वेतन नहीं मिला है। पिछले कुछ सालों में जेट को 13,000 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। एयरलाइन की कुल देनदारियां 36,500 करोड़ रुपए तक हैं।

400 करोड़ रुपए की इमरजेंसी फंडिंग नहीं मिलने की वजह से 17 अप्रैल को जेट ने सभी उड़ानें बंद कर दी थीं। उसके बाद जेट का भविष्य पूरी तरह से बैंकों की ओर से मांगी गई बोलियों से मिलने वाले निवेश पर टिक गया था, लेकिन बिडिंग सफल नहीं रही। सिर्फ एक सशर्त बोली मिली।

जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल और पत्नी अनीता को पिछले महीने मुंबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतार लिया गया था। वे दुबई की फ्लाइट में सवार हो चुके थे। गोयल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी होने की वजह से उन्हें विदेश जाने से रोका गया। एजेंसियां जेट में वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका को लेकर जांच कर रही हैं।

कर्ज में फंसी जेट एयरवेज के रेजोल्यूशन प्लान के तहत नरेश गोयल और पत्नी ने इस साल मार्च में एयरलाइन के बोर्ड से इस्तीफा दिया था। नरेश गोयल ने चेयरमैन का पद भी छोड़ दिया था। गोयल ने 1993 में जेट एयरवेज की स्थापना की थी। जेट एक दौर में देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन थी।

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