तमिलनाडु में भ्रष्टाचार के आरोपों, हिंदी और कावेरी के मुद्दे पर द्रमुक, BJP सदस्यों के बीच नोकझोंक

publiclive.co.in[Edited by DIVYA SACHAN]
लोकसभा में सोमवार को द्रमुक के दयानिधि मारन ने तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक सरकार के शासन काल में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए कावेरी नदी जल संबंधित मुद्दा उठाया. साथ ही उन्होंने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को नसीहत दी कि जिन राज्यों के लोगों ने वोट दिया और जिन राज्यों के लोगों ने वोट नहीं दिया..उसे सभी को साथ लेकर चलना चाहिए .

द्रमुक सदस्य की कुछ टिप्पणियों को लेकर भाजपा और द्रमुक सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति उत्पन्न हो गई . राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए द्रमुक के दयानिधि मारन ने कहा कि भाजपा की ताकत का कारण वह नहीं विपक्ष का कमजोर होना है. उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी को विजय के उल्लास के बजाय इसे विनम्रता से स्वीकार करना चाहिए.

साथ ही उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोगों ने भाजपा एवं उनके सहयोगियों को वोट नहीं दिया. सत्तारूढ़ पार्टी को सोचना चाहिए कि वहां के लोगों ने केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी को वोट क्यों नहीं दिया . मारन ने कहा कि मोदी सरकार को जिन राज्यों के लोगों ने वोट दिया और जिन राज्यों के लोगों ने वोट नहीं दिया..सभी को साथ लेकर चलना चाहिए .

द्रमुक नेता ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में भ्रष्टाचार की बात की थी और आज ‘‘देश में सर्वाधिक भ्रष्टाचार तमिलनाडु में है जहां राजग के सहयोगी दल (अन्नाद्रमुक) की सरकार है.’’ द्रमुक सदस्य के इस बयान पर भाजपा के निशिकांत दुबे और राजीव प्रताप रूड़ी ने आपत्ति व्यक्त करते हुए व्यवस्था का प्रश्न उठाया और कहा कि सदन में राज्य सरकार और विधानसभा के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द नहीं बोला जा सकता.

सदन में अन्नाद्रमुक के एकमात्र सदस्य रवींद्रनाथ कुमार भी विरोध जताते हुए देखे गये. हालांकि मारन ने कहा कि भ्रष्टाचार पर बात की जा सकती है. उन्होंने कहा कि देश में जल संकट गहरा रहा है और खासतौर पर तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत में विकट स्थिति है. ऐसे में सरकार को ध्यान देना होगा. मारन ने कहा कि एक तरफ तमिलनाडु पर हिन्दी थोपने का प्रयास किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है. इस पर भाजपा के राजीव प्रताप रूडी ने विरोध किया और मांग कि उनके (मारन के) भाषण के उस शब्द हो हटाया जाए जिसमें यह कहा गया है कि तमिलनाडु के लोगों पर हिन्दी थोपने का प्रयास किया जा रहा है.

रूडी ने कहा कि किसी पर हिन्दी थोपने का प्रयास नहीं किया जा रहा है और उनकी टिप्पणी ठीक नहीं है . संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी मारन के भाषण के कुछ शब्दों को हटाने की मांग की और कहा कि ये असंसदीय हैं और इन्हें रिकार्ड से हटाया जाना चाहिए . लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया. बहरहाल द्रमुक नेता दयानिधि मारन ने सदन में कावेरी नदी जल बंटवारे से संबंधित विषय को भी उठाया . इसका कर्नाटक के भाजपा सदस्यों ने कड़ा विरोध किया .

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