नए अस्पताल में अव्यवस्था का आलम, CT SCAN और एमआरआई जांच में मरीजों को हो रही परेशानी

publiclivenews.in[Edited by DIVYA SACHAN]
कोटा शहर स्थित नए अस्पताल में अव्यवस्था बरकरार है. जिस कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां इलाज कराने आ रहे मरीजों की एमआरआई और सीटी स्कैन जांच नहीं हो पा रही है.

बताया जा रहा है कि नए अस्पताल में बिजली तंत्र का बैकअप मजबूत नहीं है. अस्पताल में बिजली की आपूर्ति बंद होने के बाद एमआरआई व सीटी स्कैन नहीं हो पा रही है. जिस कारण मरीजों को निजी जांच केंद्रों की ओर रुख करना पड़ता है. सोमवार को भी कई मरीजों को बिजली गुल रहने के कारण निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ा.

बैट्रियों की नहीं हो पाई अब तक खरीद
दरअसल, एमआरआई व सीटी स्कैन मशीनों के चलाने के लिए यूपीएस में भारी भरकम बैट्रियां लगती है. वर्तमान में मशीन में लगी बैट्रियां कई साल पुरानी है, जो लोड नहीं उठा पा रही. अस्पताल प्रशासन को एमआरआई मशीन के लिए 34 बैट्रियां खरीदनी है. इसकी एक बैट्री ही कीमत करीब सात से आठ लाख रुपए है. जिसकी खरीद अभी तक नहीं हो पाई है.

लगी हैं चार साल पुरानी बैट्रियां
सूत्रों के अनुसार, एमआरआई में चार साल पुरानी बैट्रियां व सीटी स्कैन में भी चार साल पुरानी बैट्रियां लगी हुई हैं. पुरानी बैट्रियां लोड नहीं उठा पा रही है. रेडियोलॉजी विभाग करीब दस माह से अस्पताल प्रशासन को नई बैट्रियों की खरीद के लिए लगातार पत्र लिख रहा है.

मरीजों को जाना पड़ रहा है निजी जांच केंद्र
अस्पताल में 25 से 30 मरीजों की रोजाना एमआरआई व सिटी स्कैन होती है. एमआरआई जांच के लिए यहां 2500 से 4 हजार रुपए तक लगते हैं, वहीं 1 हजार रुपए सिटी स्कैन के लिए देना होता है. यदि मरीज बाहर दोनों जांच करवाता है तो दोगुनी राशि वहन करनी पड़ती है.

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