अलवर जेल में मनपसंद जगह पर सोने को लेकर खूनी संघर्ष, कैदियों के दो गुट आपस में भिड़े

publiclivenews.in[Edited by DIVYA SACHAN]
जेल के अंदर एक कैदी ने दूसरे कैदी पर जानलेवा हमला कर दिया. प्राप्त जानकारी अनुसार जेल में रविवार सुबह एक कैदी पर हमला करने का मामला सामने आया. सूचना मिलते ही जेल के सिपाहियों ने घायल कैदी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. जहां पर चिकित्सकों द्वारा कैदी को उपचार दिया गया. डॉ आदर्श अग्रवाल ने बताया कि सुबह जेल सिपाहियों द्वारा कैदी को अस्पताल लाया गया था. जिसके सर में गम्भीर चोट लगी हुई थी. कैदी के सिर में 3 टांके लगाकर उसको दवाई देकर वापिस जेल भेज दिया गया.

वहीं खबर मिलते ही मीडिया की जब टीम जेल पर पहुंची लेकिन वहां के अधिकारियों ने पहले तो मामूली बात कहकर टाल मटोल की. लेकिन मीडिया में बातने के बाद जेल अधिकारी ने बताया कि रविवार सुबह जेल में दो गुटों में मनपसंद जगह पर सोने को लेकर झगड़ा हुआ है. जिस पर जेनपुरवास निवासी सतीश कुमार के सिर में चोट आई है. जिसका अस्पताल में इलाज कराया गया और अब दोनों पक्षों को समझा दिया गया है.

सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
जेल में झगडे की सूचना मिलते ही बहरोड़ थानाधिकारी सुगन सिंह राठौड़ जाब्ते के साथ जेल में पहुंच कर जानकारी जुटाई. थानाधिकारी ने बताया कि झगड़े की सूचना मिली जिस पर जेल में पहुंचकर जेल अधिकारी से जानकारी ली गई है. जेल में सर्च अभियान चलाया गया लेकिन कुछ बरामद नहीं हुआ.

जेनपुरवास निवासी सतीश प्रजापत जो दहेज हत्या के मामले में जेल में बंद है. उसने जेल के अंदर उसके साथ मारपीट करने वालो के खिलाफ रिपोर्ट दी है. जिसमे जेल में बंद अमित उर्फ मोनू, सन्दीप, मंजीत, ओमप्रकाश शर्मा सहित आधा दर्जन कैदियों के खिलाफ रिपोर्ट दी है. रिपोर्ट में बताया कि इन लोगो द्वारा उसके ऊपर जानलेवा हमला किया गया जिससे सिर में चोट आई.

जेलर रविन्द्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि रविवार को जेल में बन्द कैदियों में मनपसंद जगह पर सोने को लेकर झगड़ा हो गया. जिसमें दहेज हत्या के मामले में बंद कैदी सतीश के सिर में चोट लगी. इसकी सूचना मिलते ही जेल सिपाहियों द्वारा घायल को बहरोड़ के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया. जहां पर चिकित्सकों द्वारा सिर में टांके लगा दिए गए. उसके बाद दोनों पक्षों को समझा दिया गया, लेकिन घायल कैदी सतीश ने करीब आधा दर्जन कैदियों के खिलाफ मारपीट करने की रिपोर्ट दी गई है. जिसको थाने में भेज दिया गया और हमला करने वाले कैदियों को दूसरी जगह भेजने के लिए भी उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है.

आपको बता दें कि जेल मे कैदियों द्वारा हमला करने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी कई बार जेल में आपस में कैदियों द्वारा एक दूसरे पर जानलेवा हमला किया जा चुका है. जिसके बाद भी प्रशासन सख्ती नहीं बरत रहा है जिससे ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं. जगह कम और कैदी ज्यादा होने के कारण पहले भी लड़ाई के कई मामले सामने आ चुके है. दो गुटों को एक जगह रखने पर भी ऐसी घटना हो चुकी है.

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