राज्यसभा सांसद के हिंदी भाषा पर प्रश्न का गृह मंत्रालय दिया जवाब, कही ये बात

publiclivenews.in[Edited by DIVYA SACHAN]
वायको के हिंदी के विरोध के बीच आज गृह मंत्रालय ने लोकसभा मे लिखित जवाब दिया. गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए लिखित जवाब में कहा गया है कि हिंदी राजभाषा को बढ़ावा देने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से कई बड़े कदम उठाए गए हैं. इसके लिए MHA ने 1 लाख 73 हज़ार 900 कर्मियों को अनुवाद के लिये कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया है.

इतने करोड़ रुपये किए गए खर्च
गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 5 सालों में 288.18 करोड़ रुपये खर्च किया गया है.

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 15 जुलाई को मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के महासचिव और राज्यसभा सांसद वायको ने दावा किया था कि हिंदी जड़हीन भाषा है, वहीं संस्कृत भाषा मृत हो चुकी है. वायकू ने हिंदी पर बातचीत करते हुए कहा कि हिंदी में क्या साहित्य है. हिंदी की कोई जड़ नहीं है, और संस्कृत एक मृत भाषा है. हिंदी में चिल्लाने से कोई नहीं सुन सकता, भले ही (संसद में) कान में इयरफोन लगा हो. संसद में हो रही बहस का स्तर गिरा है. इसका मुख्य कारण हिंदी को थोपा जाना है.’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help